अयोध्या। मलेरिया अब बरसात तक ही नहीं सीमित रह गया है, बल्कि इसका प्रकोप पूरे साल दिख रहा है। इस वर्ष फरवरी और अप्रैल में भी एक-एक मरीज मलेरिया की चपेट में आ चुके हैं। विशेषज्ञों ने लोगों से हर मौसम में मच्छरों के प्रति सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
आमतौर से मलेरिया के मच्छर बारिश के बाद पनपते हैं। उसके बाद उमस और नमी में वह अधिक सक्रिय रहते हैं। गतवर्ष अगस्त में मलेरिया का केस मिलना शुरू हुआ था। इसके बाद नवंबर तक हर माह मलेरिया के मच्छर लोगों को डंक मारते रहे और वर्ष भर में 14 मरीज पाए गए, जिनमें जांच के बाद पुष्टि हुई। हालांकि इस बार हालात जुदा लग रहे हैं। मलेरिया ने बारिश से पहले ही जिले में दस्तक दे दी है। इससे साफ है कि अब बारिश के भरोसे मलेरिया मच्छर नहीं रहे, बल्कि अन्य कारणों से भी पनप रहे हैं। ऐसे में हर समय सावधानी और सतर्कता जरूरी है।
जिला मलेरिया अधिकारी मंजुला आनंद ने बताया कि मलेरिया इकाई इसके प्रति लगातार कार्य कर रही है, लेकिन आमजन को भी सतर्कता बरतने व सहयोग करने की जरूरत है। आमजन को समय-समय पर इसके प्रति जागरूक किया जाता है।
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मच्छरों से करें बचाव : डॉ. वीरेंद्र
मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. वीरेंद्र वर्मा ने बताया कि मच्छरजनित बीमारियों के मरीज अक्सर आते रहते हैं। ऐसे में मच्छरों से हर समय बचाव की जरूरत है। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें, फुल आस्तीन के कपड़े पहनें। घर के अंदर या आसपास पानी का जमाव न होने दें। गमलों, आसपास पड़े टायर, छतों पर रखे खुले पात्रों आदि से पानी बदलते रहें। फ्रिज, कूलर से भी सप्ताह भर में पानी बदल दें। साफ-सफाई का ध्यान रखें और किसी तरह की दिक्कत होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।