अयोध्या। बलरामपुर जिले के शिवपुरा ब्लॉक में यूनिसेफ के अधीन तैनात ब्लॉक मोबिलाइजेशन समन्वयक (बीएमसी) खुद को बेरोजगार बताकर जिले की आशा बहुओं का प्रतिनिधित्व कर रहा है। सीएमओ ने उक्त बीएमसी पर क्षेत्र की आशा बहुओं को बरगलाने, अधीक्षकों पर दबाव बनाने व कार्य में बाधा पहुंचाने समेत अन्य गंभीर आरोप लगाए हैं। इसकी शिकायत यूनिसेफ के हेल्थ ऑफिसर से की है।
शिकायती पत्र में सीएमओ डॉ. सुशील कुमार बानियान ने बताया कि बलरामपुर में तैनात बीएमसी विजेंद्र सिंह की पत्नी अगेथुआ और उनके छोटे भाई नरेंद्र प्रताप सिंह की पत्नी प्रीति सिंह पूरे भुलई में आशा कार्यकर्ता हैं। वह सीएचसी सोहावल से जुड़ी आशा बहुओं को बरगलाकर विभागीय कार्य प्रणाली में व्यवधान डालते हैं।
31 अगस्त को उन्होंने कार्य बहिष्कार की धमकी दी थी। वह डिप्टी सीएमओ व अन्य कर्मचारियों के साथ वहां पहुंचे तो विजेंद्र ने खुद को बेरोजगार और आशा बहुओं का प्रतिनिधि बताया। उनकी मांगों के अनुसार अधीक्षक डॉ. फातिमा हसन को वहां से हटा दिया गया। इसके बावजूद विजेंद्र ने अधीक्षक को व्हाट्सअप पर धमकी भरे मैसेज भेजे।
उन्हाेंने आशा बहुओं का व्हाट्सअप ग्रुप बनाया है, जिसमें संदेश भेजकर आशा बहुओं को भड़काते हैं। बीसीपीएम नेहा सिंह से मिलकर मानक से अधिक भुगतान करवाने का लालच देकर योजनाओं के क्रियान्वयन में रोड़ा बन रहे हैं। वह एएनएम की तैनाती और स्थानांतरण के लिए प्राय: राजनीतिक दबाव डालते हैं। उन्होंने प्रकरण का संज्ञान लेकर विजेंद्र सिंह के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने की मांग की है। सीएमओ ने बताया कि शिकायती पत्र भेजा गया है। जिले के उच्चाधिकारियों को भी मामले से अवगत कराया गया है।