अयोध्या। राम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे की चोरी और गबन के मामले में विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम रजत वर्मा की अदालत ने सोमवार को आरोपी रमा शंकर मिश्रा, मनीष कुमार यादव और अविनाश शुक्ला की जमानत अर्जी खारिज कर दी। अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए यह आदेश दिया।
तीनों आरोपियों की जमानत अर्जी पांच सितंबर से विचाराधीन थी। चौथी सुनवाई में अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुनाया। अभियोजन ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने आपराधिक षड्यंत्र के तहत सुनियोजित तरीके से लगातार चोरी और गबन किया। मंदिर के सीसीटीवी फुटेज में भी आरोपियों के चोरी करते हुए दिखाई देने का दावा किया गया।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता एवं विधिक सहायता रक्षा परिषद के उप प्रमुख कुलशेखर सिंह ने पुलिस की ओर से बरामद धनराशि स्पष्ट नहीं किए जाने का तर्क दिया। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी लोक सेवक नहीं हैं, इसलिए उन पर भ्रष्टाचार का आरोप लागू नहीं होता।
इस मामले में आठ आरोपियों को 25 जून को गिरफ्तार किया गया था और अब तक उनकी न्यायिक अभिरक्षा आठ बार बढ़ाई जा चुकी है। इनमें पांच आरोपी राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू, सुभाष श्रीवास्तव, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश और करुणेश हैं, जिनकी जमानत अर्जी पर मंगलवार को विशेष अदालत में सुनवाई होगी। इनकी ओर से भी पांच सितंबर को कुलशेखर सिंह ने जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था।