अयोध्या। अश्लील फोटो दिखाकर ब्लैकमेल करके पीड़िता से लाखों रुपए ऐंठने एवं दुष्कर्म करने के आरोपी उमेश पांडेय को जमानत नहीं मिली। अपर सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के न्यायाधीश हरेंद्र नाथ ने आरोपी के जमानत प्रार्थना पर सुनवाई के बाद जमानत का कोई पर्याप्त आधार न पाते हुए यह आदेश पारित किया है।
न्यायाधीश ने पत्रावली पर मौजूद तथ्यों के आधार पर पाया कि तकनीकि का प्रयोग करते हुए कूट रचित फोटोग्राफ्स तैयार किए गए हैं। उसी फोटो के जरिये ब्लैक मेल करते हुए पीड़िता के साथ आरोपी व उसके साथियों ने दुष्कर्म किया और लाखों रुपये भी हड़पा गया। अभियोजन के अनुसार 12 अप्रैल 2025 को 23 वर्षीय किशोरी के साथ सेना में नौकरी करने वाला अग्निवीर सिपाही दीपक चौरसिया ने नशीला पदार्थ खिलाकर दुष्कर्म किया। इसी दौरान अश्लील फोटो बना लिया। इस फोटो को दीपक ने अपने दोस्त सौरभ तिवारी को दे दिया। इसी फोटो की आड़ में सौरभ ने कई बार दुष्कर्म किया और फोटो डिलीट करने के नाम पर लाखों रुपये ऐंठ लिया। फिर इसी फोटो को सौरभ ने अपनी बुआ के लड़के आरोपी उमेश पांडेय को भेज दिया। तब आरोपी उमेश पांडेय ने जबरन कई बार दुष्कर्म किया। ब्लेक मेल से तंग आकर पीड़िता ने थाना कोतवाली बीकापुर में रिपोर्ट दर्ज कराई।
जमानत अर्जी का विरोध करते हुए एडीजीसी फौजदारी ने कहा कि आरोपी पीड़िता की बहन का स्कूल जाते समय पीछा करते हैं। पीड़िता को कोर्ट की कार्यवाही में सहयोग करने पर भी रोका गया। न्यायाधीश ने अपराध की गंभीरता व कृत्य को महिला विरोधी अपराध मानते हुए आरोपी उमेश पाण्डेय की जमानत अर्जी निरस्त कर दिया।