अयोध्या। जालसाजी करके मेडिकल कॉलेज में प्रवेश दिलाने के दो आरोपियों की जमानत अर्जी अपर जिला सत्र न्यायाधीश षष्टम प्रेम प्रकाश ने निरस्त कर दी है। अभियोजन पक्ष से एडीजीसी प्रवीण कुमार सिंह के मुताबिक राजर्षि मेडिकल कॉलेज में वीरेश मिश्रा, अचल पटेल, अर्पित वर्मा सहित 11 छात्रों के फोटो व हस्ताक्षर का मिलान प्रवेश पत्र के आधार पर कराया गया, जो कि संदिग्ध मिले।
यह जांच सीएनईटी, 2023 की प्रवेश परीक्षा में सफल हुए अध्ययनरत छात्रों के बाबत 28 दिसंबर, 2023 को जारी स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. लोकेश अग्रवाल के पत्र पर हुई। उप प्राचार्य नीमा बीपी की तहरीर पर धोखाधड़ी के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ। विवेचना के दौरान बाराबंकी के कस्बा व थाना रामनगर निवासी रितांशु मौर्य, सिद्धार्थ नगर के थाना कठेला क्षेत्र निवासी अजय प्रताप सिंह व सीतापुर के थाना खैराबाद क्षेत्र निवासी शशि राजवंशी का नाम प्रकाश में आया।
यह सभी गैंग बनाकर फोटो एडिट करके प्रवेश परीक्षा फॉर्म भरवाने का काम करते थे और कॉलेज में प्रवेश दिलाने की गारंटी देते हुए ठगी का करते थे। न्यायाधीश ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी।