अयोध्या में ड्रोन शो का आयोजन।
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रिपु रन जीति सुजस सुर गावत, सीता सहित अनुज प्रभु आवत... गोस्वामी तुलसीदास की रामचरितमानस की ये चौपाइयां शनिवार को रामनगरी में साकार होती नजर आईं। 14 वर्षों का वनवास पूरा कर प्रभु श्रीराम के अयोध्या लौटने की स्मृति में सजी रामनगरी ने अपनी आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक वैभव का ऐसा प्रकाश बिखेरा कि सरयू तट दीपों से जगमगा उठा और आसमान राममय हो गया। दसवें दीपोत्सव पर 30 लाख दीपों की लौ ने अयोध्या के गौरव को नई आभा दी।
रामकथा पार्क में सजे रामदरबार के मंच पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रभु श्रीराम का प्रतीकात्मक राज्याभिषेक किया। इस दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी मौजूद रहीं। राजतिलक के साथ ही दीपोत्सव का उल्लास चरम पर पहुंच गया। उपराष्ट्रपति की मौजूदगी में 2147 लोगों ने एक साथ मां सरयू की महाआरती की। वहीं, 2100 ड्रोन शो, लेजर शो, प्रोजेक्शन मैपिंग और ग्रीन आतिशबाजी ने समारोह की भव्यता बढ़ाई।
राम की पैड़ी और सरयू तट के घाटों पर शनिवार शाम एक साथ 30 लाख दीप प्रज्ज्वलित हुए तो ऐसा लगा मानो धरती पर तारों का संसार उतर आया हो। दीपों से जगमगाते घाट, मंदिरों से उठते घंटों के स्वर और जय श्रीराम के उद्घोष ने पूरी रामनगरी को उत्सव के रंग में रंग दिया। इस बार भले ही विश्व रिकॉर्ड नहीं बना, लेकिन अयोध्या ने पिछले वर्ष 26.17 लाख दीप प्रज्ज्वलित करने के अपने ही रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। 2100 ड्रोन के जरिये आसमान में उकेरी गई आकृतियों, लेजर शो और प्रोजेक्शन मैपिंग ने त्रेतायुग की स्मृतियों को जीवंत कर दिया। ग्रीन आतिशबाजी ने आसमान में रंगों की छटा बिखेर दी।
15 राज्यों के 500 कलाकारों ने बिखेरी लोकसंस्कृति की छटा
इससे पहले सुबह दस बजे साकेत महाविद्यालय से श्रीराम राज्याभिषेक शोभायात्रा के साथ दसवें दीपोत्सव का आगाज हुआ। शोभायात्रा में प्रदेश सरकार की उपलब्धियों को प्रदर्शित करतीं 14 झांकियों के साथ रामायण के सातों कांडों पर आधारित झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। 15 राज्यों के 500 से अधिक कलाकारों ने अपनी-अपनी लोकसंस्कृतियों की प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया।