सरयू आरती करते पुजारी व मौजूद श्रद्धालु
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जून का महीना रामनगरी के लिए उत्सव, आध्यात्मिकता और धार्मिक आयोजनों से भरपूर रहने वाला है। ज्येष्ठ माह के चार बड़े मंगलवार, मणिरामदास की छावनी में 19 जून से शुरू होने वाले नौ दिवसीय जन्मोत्सव से लेकर 29 जून को सरयू जयंती तक अयोध्या में लगातार धार्मिक कार्यक्रमों की शृंखला चलेगी। इस दौरान देशभर से हजारों श्रद्धालुओं, संत-महात्माओं के रामनगरी पहुंचने की संभावना है।
19 जून से श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं मणिरामदास छावनी के पीठाधीश्वर महंत नृत्यगोपाल दास का नौ दिवसीय जन्मोत्सव शुरू होगा। जन्मोत्सव के तहत धार्मिक अनुष्ठान, संत सम्मेलनों, भजन-कीर्तन, कथा और आशीर्वाद समारोहों का आयोजन किया जाएगा। देश के विभिन्न हिस्सों से संत और श्रद्धालु इसमें भाग लेंगे। इसमें देश के कोने-कोने से करीब एक हजार संत-धर्माचार्य पधारेंगे। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ, मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह को भी निमंत्रण भेजा जा रहा है। उत्तर प्रदेश के दोनों डिप्टी सीएम और कई केंद्रीय मंत्रियों के भी समारोह में आने की उम्मीद है।
उत्सवों की इस शृंखला में 23 जून का दिन विशेष महत्व रखता है। राम मंदिर परिसर स्थित शेषावतार मंदिर के शिखर पर धर्मध्वजारोहण का आयोजन होगा। इसी अवसर पर राम दरबार एवं परकोटा के उपमंदिरों की प्राण-प्रतिष्ठा की प्रथम वर्षगांठ भी मनाई जाएगी। मंदिर परिसर में विशेष पूजन, वैदिक अनुष्ठान और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठ समेत एक हजार से अधिक मेहमान शामिल होंगे।
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सरयू जयंती पर होंगे विभिन्न आयोजन
- इसके बाद 29 जून को रामनगरी में सरयू जयंती का भव्य आयोजन किया जाएगा। सरयू तट पर धार्मिक और सामाजिक संगठनों की ओर से विभिन्न कार्यक्रम होंगे। लगभग 10 संस्थाओं की ओर से सामूहिक महाआरती का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे। श्रद्धालु मां सरयू के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए दीपदान करेंगे और घाटों पर दीपों की मनोहारी छटा बिखरेगी। सरयू जयंती के अवसर पर मां सरयू की आकर्षक झांकी भी सजाई जाएगी। भक्ति संगीत, वैदिक मंत्रोच्चार और दीपों की रोशनी से सरयू तट का वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर होगा।