अयोध्या। परिषदीय विद्यालयों में 27 जनवरी से नौ फरवरी तक कराए गए निपुण सर्वे में जिले की रैंकिंग प्रदेश में 46वें स्थान पर है। निपुण भारत मिशन के तहत कराए गए इस सर्वे में जिले के सभी विकास खंडों के विद्यालयों का आकलन किया गया, जिसमें निपुण विद्यालयों की संख्या, बच्चों के सीखने के स्तर का मूल्यांकन किया गया था।
जिले के 12 विकासखंडों में कुल 1495 विद्यालयों का आकलन किया गया, जिनमें से केवल 356 विद्यालय निपुण घोषित हुए। जो अपने निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष लगभग 23.8 प्रतिशत है। विकासखंडवार प्रदर्शन में हैरिंग्टनगंज ब्लॉक सबसे आगे रहा, जहां 111 में से 48 विद्यालय निपुण घोषित किए गए, जो लगभग 43 प्रतिशत है। अमानीगंज ब्लॉक में 148 में से 48 विद्यालय निपुण घोषित हुए, जबकि पूरा बाजार में 101 में से 35 और सोहावल में 134 में से 41 विद्यालय निपुण पाए गए। वहीं, रुदौली ब्लॉक का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा, जहां 194 विद्यालयों के आकलन में केवल 17 विद्यालय ही निपुण पाए गए, जो लगभग आठ प्रतिशत है। नगर क्षेत्र के विद्यालयों का प्रदर्शन भी बहुत बेहतर नहीं रहा और यहां निपुण विद्यालयों का प्रतिशत लगभग 20 से 22 प्रतिशत के बीच रहा।
इनसेट
डीएलएड के प्रशिक्षु करते हैं मूल्यांकन
इस आकलन की जिम्मेदारी डीएलएड प्रशिक्षुओं को दी गई थी, जो मोबाइल एप के माध्यम से बच्चों की भाषा और गणित की बुनियादी दक्षताओं का मूल्यांकन किया। कक्षा एक के बच्चों को 20 रुपये तक के नोट और सिक्कों की पहचान करनी होती है, जबकि कक्षा दो के बच्चों को 100 रुपये तक के नोटों को पहचाना होता है। इसके अलावा बच्चों की शब्द पहचान, पढ़ने की क्षमता, सरल वाक्य समझने की योग्यता, बोलने की क्षमता और सामाजिक व्यवहार का भी मूल्यांकन किया जाता है।