ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्र दास का कहना है कि आय-व्यय का पूरा लेखा-जोखा व्यवस्थित तरीके से रखा जाता है। हर तीन माह में होने वाली ट्रस्ट की बैठक में सभी ट्रस्टियों के सामने वित्तीय विवरण प्रस्तुत किया जाता है। इसके अलावा समय-समय पर आंतरिक ऑडिट भी कराया जाता है ताकि पारदर्शिता बनी रहे। गबन व चोरी का सवाल ही नहीं उठता।
दिन पर जारी रही चर्चाएं
वहीं सोमवार को भी दान राशि मामले को लेकर दिन भर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। इस बीच पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने तीन लोगों को हिरासत में लिए जाने के मामले की बात को भी नकारा। वहीं अफवाह सामने आई कि ट्रस्ट के एक कर्मी के गोंडा स्थित आवास से लाखों रुपये बरामदगी की गई है। हालांकि इस मामले में अब तक ट्रस्ट की ओर से कोई विधिक कार्रवाई नहीं की गई है।