अयोध्या। केंद्रीय बजट में अयोध्या-प्रयागराज रेल मार्ग के दोहरीकरण घोषणा की गई है। इससे आने वाले वर्षों में दो धार्मिक शहरों के बीच आवागमन की सुविधा और बेहतर होगी। श्रद्धालुओं के समय की बचत होगी। यात्रियों और श्रद्धालुओं ने इस पर खुशी जताई है।
अयोध्या से प्रयागराज के बीच की दूरी लगभग डेढ़ सौ किमी है। वन वे ट्रैफिक होने के कारण एक्सप्रेस ट्रेनों को भी चार से पांच घंटे लग जाते हैं। पैसेंजर ट्रेनों को तो छह से सात घंटे तक लग जाते हैं। दोनों प्रमुख शहरों के बीच कुछ किमी. को छोड़ दिया जाए तो पूरे ट्रैक पर एक ही रेलवे ट्रैक है। अब अयोध्या में चारों ओर से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ गई है। भविष्य में और बढ़ने की उम्मीद है। इसी को देखते हुए एक के बाद एक हर वन-वे ट्रैफिक को दोहरीलाइन से जोड़ा जा रहा है। इसी क्रम में अयोध्या-प्रयागराज रेल मार्ग का दोहरीकरण भी शामिल है।
नियावां के रहने वाले शिक्षक अनूप दूबे कहते हैं कि दोनों आध्यात्मिक शहर हैं। अयोध्या आने के लिए रेलमार्ग का दोहरीकरण होने से बड़ा लाभ होगा। पूराबाजार के रहने वाले अनुज सिंह कहते हैं कि प्रयागराज से रेल यातायात ठीक नहीं था। दोहरीकरण से यात्रियों और श्रद्धालुओं को लाभ होगा।