करुणेश पांडेय की पत्नी रूपा के एसबीआई खाते में करीब 18.55 लाख रुपये नकद जमा होने का उल्लेख है। भाई अखिलेश पांडेय के एचडीएफसी खाते में 1,43,100 रुपये और बीओबी खाते में 20 हजार रुपये नकद जमा होने की बात चार्जशीट में है। पुलिस ने कुल करीब 20.18 लाख रुपये को अपराध से अर्जित धन बताया है। इस अवधि में करुणेश को वेतन से 1.74 लाख रुपये मिले।
रमाशंकर : परिजनों के खातों में 20.92 लाख, 12 लाख का प्लॉट
रमाशंकर मिश्रा के पिता छेदूलाल मिश्रा के दो इंडियन बैंक खातों में 10,80,550 और 14,500 रुपये, भाई विवेक शंकर मिश्रा के खाते में 9,43,750 रुपये, मां तारावती के खाते में 39 हजार और बहन पूर्णिमा के खाते में 15 हजार रुपये जमा होने का उल्लेख है। पुलिस ने कुल 20,92,800 रुपये को अपराध से प्राप्त धन बताया है। इसके अलावा रमाशंकर ने अपने और परिजनों के नाम 12 लाख रुपये का संयुक्त प्लॉट खरीदा। मोबाइल डाटा में 1.03 लाख रुपये का कैमरा और 22,200 व 2,900 रुपये की अंगूठियां खरीदने की रसीद मिलने की बात भी कही गई है।
मनीष : नियुक्ति के दो महीने में भाई के खाते में दो लाख
मनीष कुमार यादव 15 अप्रैल 2026 से गणना कक्ष में दान-चढ़ावे की गिनती के काम में नियुक्त हुआ था। पुलिस के मुताबिक उसके भाई सनी यादव के इंडसइंड बैंक खाते में दो लाख रुपये जमा किए गए। उसे वेतन से 21,624 रुपये मिले।
टिन्नू : बेटे के नाम 9.50 लाख की संपत्ति, छह लाख की अर्टिगा
रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और पत्नी के विभिन्न खातों में कुल 8.48 लाख रुपये नकद जमा किए गए। 2.46 लाख की बुलेट, 4.45 लाख रुपये की नकद ज्वैलरी, 2.75 लाख की पुरानी ज्वैलरी, पुत्र रवि यादव के नाम 9.50 लाख की संपत्ति और छह लाख रुपये की अर्टिगा खरीदी गई। चार्जशीट में बैंक रिकॉर्ड का हवाला देते हुए कहा गया है कि सात सितंबर 2020 से छह जनवरी 2022 तक टिन्नू के एसबीआई में दान-चढ़ावे की रकम जमा की जाती रही। इसके बाद भी दानपात्रों की चाबियां उसके कब्जे में रहने की बात पुलिस ने कही है।