श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने मंगलवार को स्पष्ट कहा कि वह अंतिम सांस तक अयोध्या नहीं छोड़ेंगे। यह बात उन्होंने तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य से मुलाकात के दौरान कही। परमहंस आचार्य ने बताया कि उन्होंने चंपत राय से अयोध्या नहीं छोड़ने का आग्रह किया था, जिस पर उन्होंने आश्वस्त किया कि वह जीवनभर रामनगरी में ही रहेंगे।
चातुर्मास के दौरान शनिवार से लगातार रामनगरी के संत-धर्माचार्यों से मुलाकात कर रहे चंपत राय मंगलवार को तपस्वी छावनी पहुंचे। यहां बंद कमरे में करीब 30 मिनट तक दोनों के बीच बातचीत हुई। मुलाकात के बाद परमहंस आचार्य ने चंपत राय को युग ऋषि बताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में राम मंदिर का निर्माण अपेक्षा से भी बेहतर हुआ है।
इसके बाद चंपत राय राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख केंद्र रहे दिगंबर अखाड़ा पहुंचे। वहां उन्होंने महंत सुरेश दास और उनके उत्तराधिकारी रामलखन दास से करीब एक घंटे तक बातचीत की। इस दौरान चढ़ावा चोरी प्रकरण भी चर्चा का विषय रहा।
सूत्रों के अनुसार, चंपत राय ने संतों के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए कहा कि वह एसआईटी की अंतिम जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। अंतिम रिपोर्ट आने के बाद वह पूरे मामले में सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष रखेंगे।
चंपत राय पिछले चार दिनों से लगातार अयोध्या के प्रमुख संतों और मठ-मंदिरों में जाकर मुलाकात कर रहे हैं। इसे रामनगरी के संत समाज के बीच संवाद और समर्थन बनाए रखने की उनकी पहल के रूप में देखा जा रहा है।