राममंदिर के निर्माण का कार्य 70 फीसदी पूरा हो चुका है। अप्रैल तक पूरा मंदिर बनकर तैयार हो जाएगा। अक्तूबर तक परकोटा, सप्तमंडपम व शेषावतार मंदिर के निर्माण कार्य पूरे किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। राममंदिर निर्माण में अब तक 1200 करोड़ खर्च हो गए हैं। मंदिर समेत अन्य प्रकल्पों के निर्माण में 1800 करोड़ खर्च होने का अनुमान है।
फरवरी 2020 से अक्तूबर 2024 के बीच राममंदिर निर्माण पर 1197 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इस बीच 328़ 45 करोड़ रुपये जमीन खरीदने में भी खर्च हुए हैं। पिछले साल अप्रैल से अक्तूबर तक 179़ 66 करोड़ रुपये मंदिर निर्माण में लगे। जबकि इस बीच 65़ 15 करोड़ की जमीन राममंदिर ट्रस्ट की ओर से खरीदी गई है। राममंदिर के भूतल व प्रथम तल के निर्माण का काम लगभग पूरा हो चुका है। द्वितीय तल पर 80 फीसदी काम पूरा किया जा चुका है। मंदिर के शिखर का काम भी तेज है। अब तक 18 लेयर ढ़ाली जा चुकी है। मार्च तक शिखर के निर्माण का का पूरा कर लिया जाएगा।
इसके अलावा रामजन्मभूमि परिसर में सप्तमंडपम के भी निर्माण का काम चल रहा है। सप्तमंडपम में सात ऋषियों के मंदिर बन रहे हैं। इनमें से तीन का काम लगभग पूरा हो चुका है। चार मंदिरों के निर्माण का काम 60 फीसदी हो चुका है। इसी तरह शेषावतार मंदिर के निर्माण का काम 30 फीसदी पूरा हो चुका है। सबसे चुनौती पूर्ण कार्य राममंदिर के परकोटे का निर्माण है। इसका 55 फीसदी काम पूरा हो चुका है। मंदिर के बाद सर्वाधिक धनराशि परकोटा निर्माण में लग रही है। इसमें मंदिर से ज्यादा पत्थरों का इस्तेमाल किया जा रहा है।