अयोध्या। डेंगू के इलाज के लिए नई दवा विकसित करने की दिशा में अवध विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने एक शुरुआती सफलता हासिल की है। बायोकेमिस्ट्री विभाग की टीम ने प्राकृतिक स्रोतों से मिले 4.07 लाख से अधिक यौगिकों की जांच की। इसमें चार ऐसे यौगिक मिले हैं, जो डेंगू वायरस को बढ़ने से रोकने में काम आ सकते हैं।
शोध में वायरस के उस प्रोटीन को निशाना बनाया गया है, जो उसके आरएनए की नई प्रतियां बनाने में मदद करता है। कंप्यूटर के जरिये चारों यौगिकों की इस प्रोटीन के साथ प्रतिक्रिया देखी गई। इनमें दो यौगिकों ने तुलना के लिए इस्तेमाल किए गए अवरोधक पदार्थ की अपेक्षा बेहतर परिणाम के संकेत दिए।
शोधकर्ताओं ने इन यौगिकों के स्थिर रहने और शरीर को संभावित नुकसान पहुंचाने की आशंका का भी कंप्यूटर से आकलन किया। हालांकि इसे डेंगू की दवा की खोज नहीं माना जा सकता। इन यौगिकों का वास्तविक असर जानने के लिए पहले प्रयोगशाला में वायरस और कोशिकाओं पर जांच करनी होगी।