24ayop20--==पत्रकारों को मामले की जानकारी देते महंत विवेक आचारी -==संवाद
अयोध्या। रामनगरी की प्राचीन पीठ आचारी मंदिर की बेशकीमती जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर विवाद गहरा गया है। आचारी मंदिर, दंत धावन कुंड के महंत विवेक आचारी ने आरोप लगाया है कि मंदिर की जमीदारी भूमि गाटा संख्या 212 पर कुछ लोगों की ओर से जबरन कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायती पत्र भेजकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि न्याय नहीं मिला तो वे उपवास पर बैठने को विवश होंगे।
महंत विवेक आचारी के अनुसार, भूमि गाटा संख्या 212 खाता खेवट संख्या एक मंदिर की जमीदारी संपत्ति है, जिसके वे वैध खेवटदार हैं। महंत का आरोप है कि दीवान बेनी माधव के वंशजों ने निर्धारित सीमा से अधिक भूमि का विक्रय कर दिया है। अब ये लोग विवादित भूमि पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं।
महंत ने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने उपजिलाधिकारी सदर के समक्ष सभी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए थे, इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि 23 फरवरी को पुनः कब्जे का प्रयास किया गया। दर्जनों की संख्या में लोग पहुंचे और जमीन पर कब्जा करने की कोशिश करने लगे। उन्होंने तत्काल 112 पर फोन कर सूचना दी मौके पर पहुंची पुलिस ने वहां से लोगों को हटाया।
जिससे मंदिर पक्ष में रोष व्याप्त है। महंत ने कार्रवाई न होने पर पहले उपवास फिर अनशन करने की भी चेतावनी दी है। इस पूरे प्रकरण ने एक बार फिर मंदिरों की संपत्तियों की सुरक्षा और राजस्व अभिलेखों के पारदर्शी संरक्षण को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।