अयोध्या। तेज हवाओं के साथ धूल भरी आंधी व गेहूं फसल की कटाई और मड़ाई का असर अस्पतालों में दिख रहा है। यहां अस्थमा, सीओपीडी समेत सांस संबंधी बीमारियों के मामले बढ़े हैं। मेडिकल कॉलेज के टीबी एंड चेस्ट विभाग में रोज 25-30 ऐसे ही रोगी पहुंच रहे हैं, जिन्हें उपचार के साथ सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
पखवारे भर से गेहूं फसल की कटाई और मड़ाई जोरों पर है। खासतौर से ग्रामीण इलाकों में हर तरफ मड़ाई से उठने वाले कण सीधे फेफड़ों को निशाना बना रहे हैं। इसकी वजह से लोग सांस संबंधी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। वहीं तेज हवाओं के साथ उड़ रही धूल से पहले से अस्थमा, सीओपीडी आदि का इलाज करा रहे लोगों की परेशानी भी बढ़ रही है। अमर उजाला टीम ने मेडिकल कॉलेज के टीबी एंड चेस्ट विभाग का जायजा लिया तो ऐसे मामलों की भरमार दिखी।
विभागाध्यक्ष डॉ. एसके वर्मा ने बताया कि मड़ाई से निकले महीन कणों से सांस फूलने लगती है। रोज की ओपीडी में 30% मरीज ऐसे ही आ रहे हैं, जिनकी बीमारी अचानक से उभर गई है। कई मामले तो भर्ती करने की नौबत आ रही हैं। पुराने रोगियों को इन दिनों सतर्कता बरतनी चाहिए। गेहूं की मड़ाई के दौरान जरूरी हो तो सूती कपड़े से नाक और मुंह अच्छी तरह ढंक लें। मड़ाई वाले स्थान से गुजरते समय यही सावधानी बरतें। पहले से चल रही दवाएं बिना चिकित्सीय परामर्श के बंंद न करें। परेशानी बढ़ने पर तत्काल चिकित्सक से संपर्क करें।