अयोध्या। जानकी जन्मोत्सव को लेकर रामनगरी के मंदिरों में अनुष्ठानों का सिलसिला शुरू हो गया है। इसी क्रम में अक्षय तृतीया के पुनीत पर्व पर दशरथ महल से महंत बिंदुगाद्याचार्य देवेंद्रप्रसादाचार्य के नेतृत्व में भव्य शोभायात्रा मखौड़ा तक निकाली गई। घोड़े, रथ, बैंडबाजा के साथ निकली रथयात्रा पर जगह-जगह पुष्पवर्षा की गई। रथयात्रा मखौड़ा के मनोरमा नदी के तट पर पहुंचकर समाप्त हुई।
शोभायात्रा में शामिल भगवान सीताराम के स्वरूप आकर्षण का केंद्र रहे। श्रद्धालुओं ने जगह-जगह भगवान के स्वरूपों की आरती उतारी। मखौड़ा पहुंचने पर महंत देवेंद्रप्रसादाचार्य व अन्य संतों ने भी भगवान के स्वरूपों की आरती उतारी। इसके बाद मनोरमा नदी पर पूजन-अर्चन के बाद श्रीसीताराम नाम महायज्ञ का शुभारंभ किया गया। महायज्ञ में रोजाना राम मंत्र से आहुतियां अर्पित की जा रही हैं। महायज्ञ का समापन जानकी नवमी पर छह मई को होगा। मखौड़ा पर राजा दशरथ ने पुत्र प्राप्ति की कामना से पुत्रेष्टि यज्ञ किया था। आज भी यहां श्रद्धालु पुत्र प्राप्ति की कामना से यज्ञ करते हैं। रथयात्रा में द्वाराचार्य महंत रामभूषण दास कृपालु, जगद्गुरु विष्णुदेवाचार्य, महंत रामशंकर दास रामायणी, नंद कुमार मिश्र, संत एमबीदास, संत रामनंदन दास समेत अन्य मौजूद रहे।
वहीं दूसरी तरफ छोटी देवकाली मंदिर में नवाह पारायण का पाठ संचालित है। यहां छह मई को जानकी जन्मोत्सव अनुष्ठान पूर्वक मनाया जाएगा। बावन मंदिर में चार से छह मई तक विभिन्न अनुष्ठान होंगे। रामार्चा पूजन समेत अन्य आयोजन होगा। छह मई को जानकी जन्मोत्सव पर भक्तों को प्रसाद वितरित किया जाएगा। वहीं कनक भवन में रोजाना बधाई गान संचालित हो रहा है, जिसमें भक्तों की भीड़ उमड़ती है। इसी तरह श्रीरामबल्लभाकुंज, लक्ष्मण किला, सियाराम किला, हनुमत निवास, जानकी घाट बड़ा स्थान सहित अन्य मंदिरों में भी अनुष्ठानों का शुभारंभ हो चुका है।