अयोध्या। सीएमओ कार्यालय में नवंबर, 2023 में संचारी रोग कार्यक्रम के लिए हुई निविदा में भी अनियमितता के आरोप लगे हैं। बिना निविदा खोले ही दिसंबर, 2023 में सीधे तौर पर आदेश करने का दावा किया गया है। निविदाओं के मामले में अन्य तमाम आरोप भी लगे हैं। हालांकि इसकी हकीकत जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।
रुदौली विधायक रामचंद्र यादव की ओर से सीएमओ कार्यालय में निविदाओं में अनियमितता का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री से शिकायत की गई है। इस पर शासन के निर्देश पर अपर निदेशक ने जांच शुरू की है। विधायक के पत्र के साथ संलग्न एक शिकायती पत्र में कहा गया है कि संचारी रोग कार्यक्रम के लिए 16 नवंबर, 2023 को जेम पोर्टल पर बिड संख्या 4214630 आमंत्रित की गई। इसे 27 नवंबर को खोलना था, लेकिन ऐसा न करके दिसंबर में सीधे आदेश कर दिया गया। जिक्र है कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में जेम पोर्टल पर किए गए बिडों में ईएमडी जमानत धनराशि के लिए एसीएमओ अयोध्या का विवरण है। बिड की अतिरिक्त शर्तों में ईएमडी के लिए सीएमओ को बताया गया है। जबकि इन दोनों नाम से कोई खाता नहीं है। ईएमडी और जमानत धनराशि जिला स्वास्थ्य समिति के नाम से होनी चाहिए।
आरोप है कि इस वित्तीय वर्ष में सीएमओ ऑफिस में बिडों के मूल्यांकन के लिए जिला स्वास्थ्य समिति से अनुमोदित कोई कमेटी नहीं थी। किसी भी कमेटी में जिलाधिकारी को स्वयं या उनके नामित सदस्य को प्रतिनिधि के रूप में कमेटी में नहीं रखा गया। आरोप है कि ड्रग वेयर हाउस में कंप्यूटर ऑपरेटर व अन्य पदों पर आउटसोर्स के माध्यम से तैनाती होनी थी, लेकिन संविदा के तहत भर्ती हुई। इन्हें ड्रग वेयर हाउस में कार्य करना है, लेकिन यह लोग सीएमओ कार्यालय में ही मिलते हैं। अपर निदेशक डॉ. सुशील प्रकाश ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। पक्षों का बयान भी दर्ज किया जाएगा। साक्ष्य संकलन करके आख्या शासन को भेजी जाएगी।