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यूपी सियासत: अखिलेश यादव अयोध्या आएंगे, राम मंदिर नहीं जाएंगे! उनके राजनीतिक संदेश पर सबकी निगाहें टिकीं

Wed, 07 Oct 2026 06:02 PM IST
Bhupendra Singh अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या

सार

2027 चुनाव से पहले अखिलेश यादव अयोध्या आएंगे लेकिन, राम मंदिर नहीं जाएंगे। यहां धार्मिक आयोजन के मंच से उनके राजनीतिक संदेश पर सबकी निगाहें टिकी हैं। उनके राम मंदिर न जाने पर भाजपा ने तीखे जुबानी तीर छोड़े हैं। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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यूपी विधानसभा चुनाव 2027 की आहट के बीच सपा प्रमुख अखिलेश यादव बृहस्पतिवार को अयोध्या पहुंचेंगे। यहां अयोध्या धाम से करीब 12 किमी दूर पूर्व मंत्री तेजनारायण पांडेय उर्फ पवन पांडेय के आवास पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में वह शामिल होंगे। करीब एक घंटे के प्रस्तावित प्रवास में अखिलेश धार्मिक आयोजन में सहभागिता करेंगे। हालांकि उनके कार्यक्रम में फिलहाल राम मंदिर दर्शन शामिल नहीं है।

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अयोध्या में उनकी मौजूदगी धार्मिक आयोजन तक सीमित रहेगी या चुनावी संदेश भी देगी, इसे लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। अखिलेश का अयोध्या दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब समाजवादी पार्टी और कांग्रेस समेत विपक्षी दल ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर भाजपा के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। अयोध्या में भी सपा-कांग्रेस लगातार प्रदर्शन और राजनीतिक गतिविधियां कर रही हैं। ऐसे में सपा प्रमुख का अयोध्या आना पार्टी की चुनावी तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

खास बात यह है कि अखिलेश अयोध्या आएंगे, लेकिन फिलहाल राम मंदिर जाने का कार्यक्रम नहीं है। भाजपा ने इसी को मुद्दा बनाकर सपा प्रमुख पर हमला तेज कर दिया है।

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अखिलेश के राजनीतिक संदेश पर रहेंगी लोगों की निगाहें

अखिलेश का कार्यक्रम इसलिए भी अहम है, क्योंकि भागवत कथा का आयोजन अयोध्या विधानसभा क्षेत्र से सपा के घोषित प्रत्याशी पवन पांडेय के यहां हो रहा है। ऐसे में चुनाव से पहले सपा प्रमुख का उनके आवास पर पहुंचना संगठन और कार्यकर्ताओं के बीच संदेश देने के साथ अयोध्या सीट पर पार्टी की सक्रियता बढ़ाने की कवायद के तौर पर भी देखा जा रहा है। धार्मिक आयोजन के मंच से अखिलेश किस तरह का राजनीतिक संदेश देते हैं, इस पर भी निगाहें रहेंगी।

अखिलेश यादव को अयोध्या कभी अच्छी नहीं लगेगी

हाल ही में भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा था कि अखिलेश यादव को अयोध्या कभी अच्छी नहीं लगेगी। अयोध्या में 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाएं चल रही हैं, जिन्हें देखकर वह शायद यह सोचें कि मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने अयोध्या को क्यों भुला दिया था। यदि अखिलेश अब अयोध्या आकर क्षमा याचना कर लें तो पुराने पापों के लिए कुछ माफी मिल सकती है।

इससे पहले उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी अखिलेश के अयोध्या दौरे पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने आरोप लगाया था कि अखिलेश व्यक्तिगत एजेंडे के तहत अयोध्या आ रहे हैं।
 
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नवंबर में राम मंदिर और हनुमानगढ़ी में दर्शन करेंगे

सपा जिलाध्यक्ष जय सिंह राणा ने कहा कि अखिलेश यादव का अयोध्या दौरा धार्मिक आयोजन में शामिल होने के लिए है। राम लला के दर्शन से किसी तरह का परहेज नहीं है। पार्टी के अनुसार नवंबर में अखिलेश यादव राम मंदिर और हनुमानगढ़ी में दर्शन करेंगे। अयोध्या किसी एक दल की जागीर नहीं है। राम मंदिर जाने या न जाने को राजनीतिक मुद्दा बनाने के बजाय भाजपा को विकास के हर दौर का हिसाब देना चाहिए।  

भाजपा जिलाध्यक्ष राधेश्याम त्यागी ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी व सीएम योगी आदित्यनाथ के राज में सनातन का जो वेग है इसे सनातन विरोधी लोग सह नहीं पा रहे हैं। कल जो रोजा इफ्तार कर आमीन-आमीन करते थे, आज ये राधे-राधे करने को मजबूर हुए हैं। ये सनातन विरोधी हैं, अयोध्या में आकर रामलला के दर्शन नहीं करेंगे, ये इनका स्वभाव है। इनके पूर्वजों ने रामभक्तों पर गोली चलवाई थी, ये रामलला के दर्शन क्यों करेंगे।
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