कुमारगंज। आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय ने अपने 50वें स्थापना दिवस की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके तहत छह और सात अक्तूबर को पुरातन छात्र सम्मेलन का आयोजन होगा, जिसमें एक राष्ट्रीय स्तर का सेमिनार प्रस्तावित है। सम्मेलन की सफलता के लिए कोर कमेटी का भी गठन किया गया है।
विश्वविद्यालय में पुरातन छात्र संगठन की साधारण सभा की ऑफलाइन व ऑनलाइन मोड से हुई बैठक में संगठन के महासचिव डॉ. आलोक सिंह ने बताया कि सम्मेलन में देशभर के विश्वविद्यालय के पुरातन छात्रों का जमावड़ा होगा। राष्ट्रीय महत्व के सेमिनार के जरिये देशभर में कृषि क्षेत्र में हो रहे कार्यों के बारे में अद्यतन जानकारी हासिल हो सकेगी। उन्होंने आयोजन की पूरी रूपरेखा सदस्यों के समक्ष रखी जिसे ध्वनिमत से पारित किया गया। कोषाध्यक्ष डॉ. एन खान ने संगठन के वित्तीय ढांचे और आयोजन के लिए बजट की रूपरेखा प्रस्तुत की, जिस पर सभी ने सहमति दी।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए पुरातन छात्र संगठन के अध्यक्ष अंबरीष सिंह ने सभी से अधिक से अधिक संख्या में संगठन से जुड़ने और सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। संगठन के वरिष्ठ सदस्यों डॉ. आनंद सिंह, डॉ अरविंद सिंह, डॉ. संजय पाठक और प्रो. भगवानदीन ने संगठन को और प्रभावी बनाने तथा सक्रिय करने पर जोर दिया। महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. डीके सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए सम्मेलन में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की।
बैठक में सभी ने समारोह को यादगार बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही इसे विश्वविद्यालय के गौरवशाली इतिहास का प्रतीक बनाने का संकल्प लिया। संचालन प्रो. सीताराम मिश्र व धन्यवाद ज्ञापन प्रो. सत्यव्रत सिंह ने किया। बैठक में प्रसून निगम, डॉ. राम अवध राम, डॉ. राजाराम यादव, डॉ. अनिल कुमार सिंह, विवेकानंद सिंह, डॉ. निखिल सिंह, डॉ. फूल कुमारी, डॉ. विभा यादव, डॉ. प्रीति सिंह, डॉ. सुरेश कुमार, डॉ. संजीत कुमार, डॉ. समीर कुमार सिंह, डॉ. कमल, डॉ. रोबिन कुमार, डॉ. प्रियंका जायसवाल, डॉ. चारू प्रिया मौजूद रहे।
बैठक में डॉ. राजाराम यादव और डॉ. अनिल कुमार सिंह ने सुझाव दिया कि संगठन को एक गेस्ट हाउस या होटल के निर्माण पर विचार करना चाहिए। इस सुविधा से पुरातन छात्रों और उनके परिवारों को अयोध्या आने पर ठहरने और भोजन की व्यवस्था में आसानी होगी। इस प्रस्ताव को सभी सदस्यों ने एकमत से पारित किया। अब संगठन इस प्रस्ताव को मूर्त रूप देने पर काम करेगा।