अयोध्या। फिल्मों में सेवन डी तकनीक के इस्तेमाल के बाद अब संग्रहालय में पहली बार पूरी गैलरी को इस तकनीक पर आधारित किया जा रहा है। सरयू तट पर विकसित हो रहे अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय में तैयार हो चुकी संकट मोचन गैलरी में हनुमान जी की शौर्य गाथा को सेवन डी तकनीक के जरिये सजीव रूप में प्रदर्शित किया जाएगा। दावा है कि दुनिया के किसी संग्रहालय की पूरी गैलरी को सेवन डी तकनीक पर आधारित करने का यह पहला प्रयोग है।
सेवन डी तकनीक का प्रयोग फिल्मों और मनोरंजन से जुड़े अन्य माध्यमों में पहले से होता रहा है। कुछ संग्रहालयों में भी इसके प्रयोग किए गए हैं, लेकिन पूरी गैलरी को सेवन डी तकनीक पर आधारित करने का यह दुनिया में पहला संग्रहालय होने का दावा किया जा रहा है। गैलरी में हनुमान जी की शौर्य गाथा नाम की पटकथा के जरिये रामायण के विभिन्न प्रसंगों को प्रदर्शित किया जाएगा।
द्रोणागिरी पर्वत से संजीवनी बूटी लाने, लंका दहन, अशोक वाटिका और लंका युद्ध जैसे प्रसंग दर्शकों को इस तरह दिखाए जाएंगे कि उन्हें घटनाएं अपनी आंखों के सामने घटित होती महसूस होंगी। सेवन डी तकनीक के जरिये दृश्य, ध्वनि, प्रकाश, कंपन और सुगंध का संयोजन कर दर्शकों को रामायण युग की अनुभूति कराने की तैयारी है।
एक शो में 30 दर्शक देख सकेंगे गाथा
- संग्रहालय के निदेशक डॉक्टर संजीव सिंह ने बताया कि संकट मोचन गैलरी में हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में हनुमान जी की शौर्य गाथा का प्रदर्शन होगा। इसकी पटकथा करीब 25 से 30 मिनट की है। गैलरी में 30 सीटों की व्यवस्था है और एक बार में करीब 30 दर्शक गाथा का अनुभव कर सकेंगे। इसके लिए गैलरी में टिकट व्यवस्था लागू करने की तैयारी चल रही है। टिकट के जरिये दर्शकों को निर्धारित शो में प्रवेश दिया जाएगा।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की टीम अयोध्या पहुंचकर गैलरी का निरीक्षण कर चुकी है। टीम सेवन डी तकनीक के मानकों के आधार पर गैलरी की जांच कर रही है कि वह निर्धारित तकनीकी मानकों पर खरी उतरती है या नहीं। तकनीकी जांच पूरी होने के बाद टीम अपनी जांच रिपोर्ट और प्रमाणपत्र देगी। इसके बाद गैलरी को राम मंदिर ट्रस्ट को हैंडओवर किया जाएगा। हैंडओवर के बाद श्रद्धालुओं के लिए गैलरी को कब खोला जाना है, इसका निर्णय राम मंदिर ट्रस्ट करेगा।
-डॉ. संजीव सिंह, निदेशक, रामकथा संग्रहालय