अयोध्या। उत्तर प्रदेश बार काउंसिल में झूठा शपथपत्र देकर पंजीकरण कराना अधिवक्ता धनंजय कुमार पाठक को महंगा पड़ गया। बार काउंसिल की ओर से गठित तीन सदस्यीय कमेटी ने अधिवक्ता पंजीकरण को दो वर्ष के लिए निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में किसी भी न्यायालय में विधि व्यवसाय करने पर रोक लगा दी है। अनुशासन समिति के निर्णय की कॉपी फैजाबाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष को भेजी गई है।
शिकायतकर्ता अर्जुन शुक्ला ने बताया कि धनंजय कुमार पाठक जिले के मोईया कपूर के निवासी हैं। वह भी उसी गांव का रहने वाला है। अधिवक्ता पंजीकरण कराने के बाद धनंजय ने मारपीट, लड़ाई-झगड़ा किया। अपने अधिवक्ता होने का दुरुपयोग किया। उत्पीड़न से मजबूर होकर 30 जून, 2023 को बार कौंसिल के अध्यक्ष से उन्होंने शिकायत की।
अनुशासन समिति में शामिल मधुसूदन त्रिपाठी समेत तीन सदस्यों ने सुनवाई के दौरान धनंजय पाठक पर अधिवक्ता पंजीकरण के समय दाखिल शपथ पत्र में अपने विरुद्ध आपराधिक मामलों को छिपाकर पंजीकरण कराना पाया गया। इसे विधिक कदाचार मानते हुए समिति ने अधिवक्ता धनंजय पाठक का पंजीकरण दो वर्ष के लिए निलंबित कर दिया। आदेश के उल्लघंन पर अधिवक्ता एक्ट के अंतर्गत कार्रवाई की संस्तुति की गई है। फैजाबाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पारस नाथ पांडेय ने बताया कि पत्र के बारे में अभी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। पत्र मिलने पर अध्ययन के बाद विधि अनुसार कार्रवाई की जाएगी।