आरोपी लवकुश मिश्रा की पत्नी के नाम बने भवन पर अयोध्या विकास प्राधिकरण की ओर से चस्पा किया गया
अयोध्या। राममंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपी लवकुश मिश्रा के निर्माणाधीन भवन का मामला अब अयोध्या विकास प्राधिकरण (एडीए) के विहित प्राधिकारी की कोर्ट में पहुंच गया है। प्राधिकरण ने भवन पर अंतिम नोटिस चस्पा कर 15 जुलाई को सुबह 11 बजे सुनवाई निर्धारित की है। यदि तय तिथि तक वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए तो भवन को सील करने सहित नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
यह निर्माणाधीन भवन लवकुश मिश्रा की पत्नी सुप्रिया मिश्रा के नाम पर है। प्राधिकरण को डाक से एक प्रार्थना पत्र मिला था, जिसे नोटिस का विधिवत जवाब नहीं माना गया। एडीए सचिव एवं विहित प्राधिकारी राजेश कुमार मिश्रा ने बताया कि प्रार्थना पत्र के साथ निर्माण से संबंधित स्वीकृत मानचित्र या अन्य आवश्यक अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए थे। इस कारण मामला विहित प्राधिकारी की कोर्ट में सुनवाई के लिए प्रस्तुत किया गया है। तीन जुलाई को जारी नोटिस के बाद संबंधित पक्ष को पर्याप्त अवसर दिया गया था।
प्राधिकरण के अनुसार, बनबीरपुर (सआदतगंज के निकट) स्थित लगभग 1024 वर्गफुट क्षेत्रफल में जी+1 भवन का निर्माण कराया जा रहा है। इस भवन का मानचित्र प्राधिकरण से स्वीकृत नहीं है। यह क्षेत्र महायोजना-2031 के ब्लू जोन में भी आता है, जहां किसी भी प्रकार का निर्माण करना प्रतिबंधित है।
सचिव ने बताया कि 15 जुलाई को होने वाली सुनवाई में यदि आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाते हैं, तो वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इसमें निर्माणाधीन भवन को सील करने सहित अन्य कठोर कार्रवाई की जा सकती है।