अयोध्या। बकाया वेतन भुगतान के बहाने घर में बंधक बनाकर दुष्कर्म करने व अश्लील वीडियो बनाकर धर्म परिवर्तन का दवाब बनाने के आरोपी सलमान को अदालत ने जमानत देने से इन्कार कर दिया। यह आदेश एफटीसी प्रथम प्रदीप कुमार सिंह ने जमानत का पर्याप्त आधार न पाते हुए पारित किया है।
घटना कोतवाली अयोध्या क्षेत्र के नयाघाट की है। बाराबंकी जिले की निवासिनी पीड़िता अपने पति के साथ नगर निगम में सफाई कर्मी का कार्य करती है। उसकी ड्यूटी सुपरवाइजर सलमान के साथ लता चौक पर लगी थी। कई महीनों का बकाया वेतन सुपरवाइजर सलमान से मांगा गया तो सात फरवरी, 2026 को रेखा नामक महिला वेतन दिलाने का झांसा देकर सलमान के पास ले गई।
सलमान उसे लेकर नाजिम के कमरे में गया, जहां पर नाजिम ने बाहर से दरवाजा बंद कर लिया और सलमान ने पीड़िता के मुंह में कपड़ा भरकर दुष्कर्म किया। निर्वस्त्र अवस्था का वीडियो व फोटो बना लिया और शिकायत करने पर वायरल करने की धमकी दी।
सलमान ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर 14 फरवरी को पीड़िता का धर्म परिवर्तन कर निकाह करने का दबाव बनाया। नगर निगम के सुपरवाइजर सलमान, उसकी पत्नी रेखा व नाजिम के विरुद्ध घटना की प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
घटना के आरोपी असम प्रांत के बरपटा निवासी जाहिदुल इस्लाम उर्फ सलमान ने अदालत में जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया और अपने को बेकसूर बताया। तर्क दिया कि घटना बनावटी व मनगढ़ंत है। न कोई फोटो या वीडियो बनाया गया है और न ही धर्म परिवर्तन का कोई दवाब बनाया गया है।
एडीजीसी फौजदारी ने जमानत प्रार्थना पत्र का विरोध किया। तर्क दिया कि आरोपी के गंभीर अपराध के आधार पर जमानत अर्जी निरस्त करने पर जोर दिया।