अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावा धनराशि व भेंट की चोरी सहित कई गंभीर मामलों में जेल भेजे गए आठ आरोपियों को आज एंटी करप्शन कोर्ट में पेश होने की संभावना है। इसके लिए परिसर में भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं।
आरोपियों को रिमांड मजिस्ट्रेट निवेदिता सिंह के सामने 26 जून को पेश किया गया था। उन्होंने आरोपियों पर भ्रष्टाचार अधिनियम के अपराध की धारा लगी होने के कारण तीन दिन के न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया था। सभी आरोपियों को 29 जून को विशेष न्यायाधीश एंटी करप्शन कोर्ट रजत वर्मा के समक्ष पेश होने का आदेश जारी किया। वहीं, ऐसे मामलों के जानकार अधिवक्ता कमलेश कुमार पांडेय ने बताया कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला संवेदनशील है। सुरक्षा की दृष्टि से इस तरह के मामले में आरोपियों की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से करने की अधिक संभावना रहती है।
घटना के बाबत साक्ष्य एकत्र करने के लिए विवेचना अधिकारी आरोपियों की पुलिस कस्टडी के मांग भी अदालत से कर सकता है। इसके लिए अदालत की संतुष्टि आवश्यक होती है।पुलिस आरोपियों को जेल में निरुद्ध रहने के दौरान विवेचना की दृष्टि से अधिकतम 15 दिन की रिमांड ही ले सकती है।
कचहरी में हलचल रहने की उम्मीद
चढ़ावा चोरी की घटना से अधिवक्ताओं में काफी आक्रोश है। 26 जून को अवकाश के दिन आरोपियों के रिमांड से वकीलों ने नाराजगी भी जताई है। ऐसी परस्थिति में आरोपियों के सोमवार को कोर्ट में पेश करने को लेकर शनिवार को काफी हलचल रही। कई अधिवक्ताओं ने आरोपियों के कृत्य को समूचे अयोध्या वासियों को बदनाम करने वाला बताया है। मंदिर आंदोलन से जुड़े अधिवक्ता इस घटना से आहत और आक्रोशित हैं।