अयोध्या। सरयू जल धारा से रात के अंधेरे में चोरी-छिपे अवैध बालू खनन के मामले में आरोपी राजेश यादव को कोर्ट से राहत नहीं मिल पाई है। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम सुरेंद्र मोहन सहाय ने मामला कई वर्ष पुराना होने और पुलिस गिरफ्तारी की आशंका का कोई पर्याप्त आधार न होने के कारण उसकी अग्रिम जमानत अर्जी निरस्त कर दी।
अभियोजन के अनुसार वर्ष 2017 में कोतवाली अयोध्या के मांझा तिहुरा क्षेत्र में अवैध बालू खनन की पुलिस को सूचना मिली थी। उप निरीक्षक राजेश यादव पुलिस बल के साथ रात के अंधेरे में सरयू जल धारा से अवैध खनन कर बालू चुराकर ले जा रहे दो ट्रैक्टर-ट्राॅली को पकड़ा। रात के अंधेरे का फायदा उठाते हुए ट्रैक्टर चालक भाग गए। बालू लदी ट्रैक्टर-ट्राॅली को दो बजे कब्जे में लिया गया। ट्रैक्टर के स्वामी के रुप में राजेश यादव व आज्ञाराम का नाम दर्ज होना पाया गया।
उप निरीक्षक राजेश यादव ने कोतवाली अयोध्या में अवैध खनन करते हुए लोक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, सरयू जल धारा से रात के अंधेरे में बालू चोरी करने और चोरी की गई बालू बरामद होने के मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई। जमानत अर्जी में आरोपी राजेश यादव ने अपने को बेकसूर व गरीब किसान बताया। तर्क दिया कि उसने कोई अवैध खनन नहीं किया है। पुलिस दबिश देकर परेशान कर रही है।