अयोध्या। जिला अस्पताल के वार्डों में लगे एसी, कूलर व पंखे शोपीस बने हैं। यहां भर्ती होने के लिए मरीजों को घर से ही पंखा लाना पड़ रहा है, जो नहीं ला रहे हैं, उनके तीमारदारों की रात हाथ से पंखा झुलाते हुए बीत रही है। ऐसा तब है, जब गर्मी को लेकर पहले से ही तैयारियां दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए थे।
212 बेड का जिला अस्पताल इन दिनों मरीजों से फुल चल रहा है। ओपीडी में भी मरीजों का तांता है, लेकिन भीषण गर्मी में इन मरीजों के लिए इंतजाम नाकाफी हैं। सोमवार को अमर उजाला टीम ने अस्पताल के वार्डों के जायजा लिया तो ऐसे ही हालात नजर आए। लू के मरीजों के लिए बने शीतल कक्ष में ताला लटका मिला। मेडिकल वार्ड मरीजों से खचाखच भरा मिला। लगभग 50 बेड के इस वार्ड में सिर्फ दो कूलर क्रियाशील मिले।
एक नया कूलर दो-तीन से खराब बताया गया। उसमें भी सिर्फ प्लग खराब होने की जानकारी दी गई। लगभग सभी मरीज घर से पंखे लेकर ही आए दिखे। सर्जिकल वार्ड में रखा कूलर खराब मिला। यहां भी अधिकांश मरीज निजी इंतजाम के साथ भर्ती मिले। महिला सर्जिकल वार्ड में लगा एसी बंद मिला। मरीजों ने बताया कि एसी खराब था, अभी मैकेनिक ने इसे बनाया है और दो घंटे बाद चलाने को कहा है।
यहीं लगा एक पंखा बंद मिला, जबकि उसी के पास एक महिला भर्ती मिली। परिजनों ने बताया कि घर से पंखा लाकर किसी तरह कार्य चलाया जा रहा है। आयुष्मान वार्ड तो चमकता दिखा, लेकिन यहां लगा एक एसी में कूलिंग नहीं थी। एसी के पास भर्ती मरीज ने बताया कि यह शोपीस है, काम नहीं कर रहा है, इससे अच्छा तो इसे बंद कर देते। ऐसा ही हाल एक अन्य एसी का भी था। जबकि एक अन्य एसी ठंडी हवा दे रहा था। इस वार्ड में भी कई मरीज हाथ से पंखा झुलाते दिखे।
अमर उजाला प्रतिनिधि ने इस संबंध में प्रमुख अधीक्षक डॉ. एके सिन्हा से जानकारी चाही तो उन्होंने इलेक्ट्रीशियन बुलाकर तत्काल सभी समस्याएं नोट कराईं। उन्होंने बताया कि जहां से भी शिकायतें आ रही हैं, तत्काल उन्हें नोट करके उपकरणों को दुरुस्त कराया जा रहा है। इस समस्या का निस्तारण भी अतिशीघ्र कर दिया जाएगा।