अयोध्या। राम सहित चारों भाइयों के स्वरूपों से सजी झांकी, नृत्य करते लोक कलाकार, हनुमानगढ़ी के निशान के साथ जय श्रीराम का जयघोष करते संत-धर्माचार्य व हजारों भक्तों की भीड़ हर किसी को आनंदित कर रही थी। यह दृश्य रामलला के प्राकट्योत्सव पर रामनगरी में मंगलवार को निकली शोभायात्रा का था। शोभायात्रा का दर्शन करने के लिए अयोध्यावासी दौड़ पड़े।
रामलला का प्राकट्योत्सव इस बार उसी तिथि पर मनाया गया जिस तिथि पर विवादित परिसर में रामलला के प्राकट्य की बात सामने आती है। 22/23 दिसंबर 1949 की आधी रात विवादित परिसर में रामलला का प्राकट्य हुआ था। 22 दिसंबर को पौष शुक्ल द्वितीया की तिथि थी। ठीक 76 वर्ष बाद इस बार भी 22 दिसंबर को पौष शुक्ल द्वितीया की तिथि रही। ऐसे में इस बार प्राकट्योत्सव का उल्लास कहीं अधिक रहा। इससे पहले राम मंदिर से गाजे-बाजे के साथ पूजित कलश लाकर क्षीरेश्वरनाथ के पास राम जन्मभूमि के प्रवेश द्वार के सामने कलश पूजन किया गया। इसके बाद बैंड-बाजे, रथ पर सवार भगवान के स्वरूपों से सजी झांकी निकली तो हर कोई दर्शन को उमड़ पड़ा। शोभायात्रा पर भक्तों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा की।
समिति के महामंत्री अच्युत शंकर शुक्ल ने बताया कि 1949 में पौष मास की द्वितीया को भगवान रामलला राम जन्मभूमि में प्रकट हुए थे। तब से श्रीराम जन्मभूमि सेवा समिति लगातार रामलला का प्राकट्योत्सव मनाती चली आ रही है। इसी क्रम में इस वर्ष भी भव्य शोभायात्रा निकाली गई।शोभायात्रा में महंत धर्मदास, महंत रामकुमार दास, महंत जयरामदास, महंत जनार्दन दास, महंत मनीष दास, महंत उद्धव शरण, महंत राम मिलन शरण, हनुमानगढ़ी के मुख्य पुजारी रमेश दास, भाजपा नेता अमल गुप्ता, करुणाकर पांडेय सहित अन्य शामिल रहे।
हनुमानगढ़ी के निशान के साथ निकली शोभायात्रा
क्षीरेश्वरनाथ महादेव मंदिर से हनुमानगढ़ी के निशान के साथ निकली शोभायात्रा टेढ़ी बाजार, वशिष्ठ कुंड, कटरा, अशर्फी भवन, विभीषण कुंड, सब्जीमंडी होते हुए क्षीरेश्वरनाथ पर समाप्त हुई। शोभायात्रा में विभिन्न रथों पर भगवान सीताराम, भरत, लक्ष्मण, शत्रुहन, हनुमान, शंकर व गणेश के स्वरूपों की सजी झांकी भक्तों के आकर्षण का केंद्र रही। मंदिर आंदोलन के अहम किरदार रहे महंत अभिराम दास, पूर्व सांसद डॉ़ राम विलास दास वेदांती का चित्र भी रथयात्रा में शामिल रहा। लोक कलाकारों की ओर से बम रसिया, मयूर नृत्य सहित अन्य प्रस्तुतियां लोगों को मुग्ध करती रहीं।