अयोध्या। दिव्यांग बच्चों के लिए अयोध्या में नई सुबह होने जा रही है। आने वाले समय में यहां मानसिक मंदित आश्रय गृह, राजकीय ममता विद्यालय, समावेशी समेकित विद्यालय और बचपन डे केयर सेंटर की सौगात मिलने जा रही है। इनके माध्यम से जिले के दिव्यांग बच्चों को पढ़ाई, प्रशिक्षण और देखभाल के बेहतर अवसर मिलेंगे।
दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की पहल पर प्रदेश सरकार ने रामनगरी के लिए कई परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। कुछ परियोजना के प्रस्ताव शासन स्तर पर विचाराधीन हैं। इन्हें जल्द ही मंजूरी मिलने की संभावना है। बीकापुर के मुकीमपुर पहाड़पुर, शाहगंज में दिव्यांग बच्चों के लिए 10 करोड़ की लागत से बनने वाले मानसिक मंदित आश्रय गृह सह प्रशिक्षण केंद्र का शिलान्यास हो चुका है।
इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए शासन ने पहली किस्त के रूप में 2.45 करोड़ रुपये की धनराशि भी जारी कर दी है। यह केंद्र दिव्यांग बच्चों के समग्र विकास में मील का पत्थर साबित होगा। यहां न केवल बच्चों को रहने की सुविधा मिलेगी, बल्कि उन्हें विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें। केंद्र में दिव्यांग बच्चों को निशुल्क आवास, भोजन और प्रशिक्षण की सुविधाएं मिलेंगी। इससे उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने और स्वरोजगार शुरू करने में मदद मिलेगी।
इसी तरह दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की ओर से शाहगंज में ही निर्माण के लिए प्रस्तावित राजकीय ममता आवासीय विद्यालय में दिव्यांग बालिकाओं के लिए निशुल्क शिक्षा के साथ ही उनके रहने और खाने की पूरी व्यवस्था होगी। छह से 18 वर्ष आयु तक की बालिकाओं को यहां इंटर तक की शिक्षा दी जाएगी। यहां पर मानसिक मंदित बालिकाओं को निशुल्क शिक्षण के साथ आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इसके माध्यम से वे हुनरमंद बनकर समाज की मुख्य धारा में जुड़ सकेंगी।
सामान्य बच्चों के साथ पढ़ाई कर दूर होगा दिव्यांगता का भाव
जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी चंद्रेश त्रिपाठी ने बताया कि समावेशी समेकित विद्यालय के लिए भूमि चयन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। यह एक ऐसा विद्यालय है, जहां दिव्यांग और सामान्य बच्चे एक साथ पढ़ सकेंगे। यहां विशेष आवश्यकता वाले छात्रों के लिए आवश्यक तकनीक और अनुकूलित सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। इस विद्यालय की स्थापना का मकसद है कि सामान्य बच्चों के साथ पढ़ाई कर दिव्यांगता का भाव दूर हो। इतना ही नहीं ब्रह्मकुंड गुरुद्वारा क्षेत्र में श्रवण बाधित, दृष्टि बाधित व बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के लिए 3.19 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक बचपन डे केयर सेंटर निर्माणाधीन है।