अयोध्या। अयोध्या धाम बस पोर्ट निर्माण का अवरोध दूर हो गया है। परियोजना का काम शुरू होते ही परिवहन विभाग, लोक निर्माण विभाग और संस्कृति विभाग के बीच जमीन को लेकर मतभेद पैदा हो गया था। इस कारण निर्माण की गति थम गई थी, लेकिन अब जिला प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद स्थिति साफ हो गई है।
तीनों विभाग अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में काम के क्रियान्वयन को लेकर अलग-अलग व्याख्याएं सामने रख रहे थे। इससे निर्माण प्रारंभिक चरण में रुक गया। परिवहन निगम ने 28 नवंबर को जिलाधिकारी को पत्र लिखकर अवगत कराया कि अयोध्या धाम बस स्टेशन पर उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की 36426 वर्गमीटर भूमि पर पीपीपी मॉडल पर मेसर्स ओमेक्स बीटूगेदर प्रा.लि. की ओर से बस पोर्ट के निर्माण की प्रक्रिया शुरू की गई है। भूमि की पैमाइश लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता की मौजूदगी में की गई। इसमें पाया गया कि परिवहन निगम की लगभग 1350 वर्गमीटर भूमि को सम्मिलित करते हुए बंधा रोड की तरफ लोक निर्माण विभाग सड़क बना रहा है, जिसके कारण बस पोर्ट का निर्माण रुक गया है।
वहीं दूसरी तरफ संस्कृति विभाग ने भी अपनी जमीन बताकर मेसर्स ओमक्स को बाउंड्रीवॉल बनाने पर आपत्ति दाखिल कर दी थी। पत्र मिलते ही डीएम ने हस्तक्षेप किया और मामले की जांच एवं समाधान के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन कर दिया है। समिति को निर्देश दिया गया है कि सभी विवादित बिंदुओं की गहराई से पड़ताल कर स्पष्ट रिपोर्ट सौंपे, ताकि विभागीय तालमेल की कमी से परियोजना प्रभावित न हो। समिति के सदस्यों ने मौके पर जाकर मुआयना भी किया है। परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक विमल राजन ने कहा कि जमीन को लेकर कुछ विवाद था, जो अब दूर हो गया है। बस पोर्ट के निर्माण का काम फिर शुरू हो गया है। संस्कृति विभाग की ओर से की गई आपत्ति का भी निस्तारण जल्द ही करा दिया जाएगा।
नौ एकड़ में बन रहे बस पोर्ट की खासियत
नौ एकड़ में बन रहे बस पोर्ट को एक सेंटर पॉइंट के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां यात्रियों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। यात्रियों की सहूलियत के लिए 20 प्रस्थान प्लेटफार्म, 35 बस पार्किंग, 7 इलेक्ट्रिक बस चार्जिंग पॉइंट, 281 दोपहिया और 70 चारपहिया पार्किंग की व्यवस्था होगी। इसके साथ ही 1,870 वर्ग मीटर का यात्री प्रतीक्षालय, 191 वर्ग मीटर का वातानुकूलित लाउंज, 388 वर्ग मीटर का कैंटीन-फूड कोर्ट, क्लॉक रूम, पार्सल कक्ष और 100 वर्ग मीटर का स्टॉल एरिया बनाया जाएगा।
स्वच्छता पर रहेगा विशेष ध्यान
स्वच्छता पर विशेष ध्यान देते हुए 13 मूत्रालय, 18 शौचालय और चालक दल के लिए अलग व्यवस्था भी की जाएगी। यात्रियों को सूचना देने के लिए डिजिटल टिकटिंग काउंटर, रीयल-टाइम बस ट्रैकिंग सिस्टम, सूचना कियोस्क और सीसीटीवी सर्विलांस की सुविधा उपलब्ध होगी। स्टेशन परिसर में बैंक एटीएम, डाकघर, व्यापार केंद्र, आपातकालीन चिकित्सा केंद्र, पुलिस बूथ, सुरक्षा नियंत्रण कक्ष और प्रशासनिक कार्यालय जैसी सुविधाएं भी होंगी।