महोत्सव के दौरान सम्मानित की गईं मातृशक्तियां।
बाबा बाजार। मां कामाख्या धाम महोत्सव के दूसरे और तीसरे दिन सामाजिक सरोकार और लोकसंस्कृति का संगम देखने को मिला। इस दौरान नारी सशक्तिकरण पर मंथन हुआ और 132 महिलाओं को सम्मानित किया गया। स्वास्थ्य मेले में लोगों की निशुल्क जांच भी की गई।
आत्मनिर्भर नारी सम्मान व संगोष्ठी में राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ प्रियंका मौर्य ने कहा कि नारी केवल परिवार की धुरी ही नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। जब महिलाएं शिक्षित, आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनेंगी, तभी विकसित भारत का सपना साकार होगा। डॉ मौर्य ने प्रदेश सरकार की महिला केंद्रित योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली 132 महिलाओं को ‘नारी शक्ति सम्मान’ से नवाजा गया। रुदौली विधायक रामचंद्र यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को देवी स्वरूप माना गया है।
तृतीय दिवस पर स्वास्थ्य मेले में चिकित्सकों की टीम ने लोगों की निशुल्क जांच की और परामर्श दिया। रक्तचाप और शुगर सहित कई जांचें की गईं। मेले में स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय कारीगरों के स्टॉल भी लगे थे। शाम को लोक गायक और उनकी टीम ने लोकगीतों की प्रस्तुति दी। महोत्सव में मुख्य संरक्षक विधायक रामचंद्र यादव, न्यास अध्यक्ष रविकांत तिवारी, नगर पंचायत अध्यक्ष शीतला प्रसाद शुक्ल, तेज तिवारी, कमलेश यादव, राकेश तिवारी, राजेंद्र सिंह, कप्तान गिरि, सीमा गुप्ता सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।