अयोध्या। श्रीराम मंदिर की ऐतिहासिक यात्रा पर बन रही बहुचर्चित डॉक्यूमेंट्री फिल्म राम मंदिर परिसर में बन रहे ऑडिटोरियम में दिखाई जाएगी। फिल्म के लिए जुटाए गए करीब 10 हजार जीबी यानी 10 टीबी वीडियो, फोटो और डिजिटल सामग्री की एडिटिंग की जा रही है। अब तक करीब छह हजार जीबी डाटा की एडिटिंग पूरी हो चुकी है।
डॉक्यूमेंट्री का निर्माण कर रहे एकनाथ सतपुरकर के अनुसार फिल्म के लिए फोटो और वीडियोग्राफी का काम पांच अगस्त 2020 को राम मंदिर के भूमिपूजन के साथ शुरू हुआ था। करीब चार वर्षों तक राम मंदिर परिसर और निर्माण से जुड़े महत्वपूर्ण घटनाक्रमों की फोटो और वीडियोग्राफी की गई। करीब 10 टीबी डाटा एकत्र हुआ, जिसमें लगभग डेढ़ लाख फोटो भी शामिल हैं। 170 लोगों के इंटरव्यू भी लिए गए हैं। इतनी बड़ी मात्रा में सामग्री को छांटना, ऐतिहासिक घटनाक्रम के अनुसार क्रमबद्ध करना और प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना एडिटिंग टीम के लिए बड़ी चुनौती है। सतपुरकर के अनुसार अलग-अलग समय पर रिकॉर्ड किए गए फुटेज की गुणवत्ता, कैमरा एंगल और तकनीकी प्रारूप में अंतर होने के कारण प्रत्येक दृश्य को संतुलित करने में अतिरिक्त समय लग रहा है। डॉक्यूमेंट्री को शोधपरक और तथ्यात्मक बनाने के लिए अभिलेखों, पुराने वीडियो फुटेज और विशेषज्ञों के विचारों को भी शामिल किया जा रहा है।
अलग-अलग हिस्सों में दिखाई जाएगी कहानी : राम मंदिर की पूरी यात्रा को एक ही फिल्म के बजाय अलग-अलग हिस्सों में प्रस्तुत करने की तैयारी है। मंदिर आंदोलन, न्यायालय की प्रक्रिया, भूमिपूजन, निर्माण कार्य, शिल्पकारों की मेहनत, प्राण प्रतिष्ठा और ध्वजारोहण जैसे प्रमुख चरणों को अलग-अलग हिस्सों में दिखाया जाएगा। दर्शकों को इन सेगमेंट (हिस्सों) के माध्यम से राम मंदिर की यात्रा को क्रमबद्ध और दृश्यात्मक रूप से समझने का अवसर मिलेगा।