अयोध्या। बिजली कनेक्शन लेने के बाद से ही जिले के 80,879 उपभोक्ताओं ने बिल के नाम पर फूटी कौड़ी नहीं दी। ऐसे में इन पर 2,955 करोड़ रुपये बकाया हो गया है। इस मामले में मिल्कीपुर डिवीजन सबसे आगे है। अब इन पर नकेल कसने के लिए बिजली निगम अभियान चलाने की तैयारी में है।
जिले में 5,03,108 बिजली उपभोक्ता पंजीकृत हैं। इनमें अधिकांश उपभोक्ता बेहतर बिजली आपूर्ति के लिए समय-समय पर आवाज बुलंद करते हैं, लेकिन बकाया चुकता करने में वह दिलचस्पी नहीं लेते हैं। समय पर राजस्व न आने से तमाम विकास कार्यों पर भी असर पड़ता है। इसका खामियाजा समय पर बकाया चुकता करने वाले उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ता है।
मार्च तक जिले में 85,396 ऐसे उपभोक्ता चिह्नित हुए थे, जिन्होंने कनेक्शन लेने के बाद से बिजली बिल नहीं जमा किया था। उन पर 2,957 करोड़ रुपये बाकी था। विभाग ने सख्ती की तो 4,318 उपभोक्ताओं ने 1.43 करोड़ रुपये चुका दिए। फिर भी 80,879 उपभोक्ताओं के कान पर जूं नहीं रेंगी, जो 2,955 करोड़ रुपये दबाए बैठे हैं।
इनमें मिल्कीपुर डिवीजन के सर्वाधिक 27,622 उपभोक्ताओं पर 2,721 करोड़ रुपये बाकी है। इसके अलावा रुदौली के 22,934 उपभोक्ताओं पर 120 करोड़, डिवीजन दर्शननगर के 29,098 उपभोक्ताओं पर 106 करोड़ और शहर के 1,225 उपभोक्ताओं पर 8.47 करोड़ रुपये बकाया है।
अधीक्षण अभियंता प्रदीप वर्मा ने बताया कि बिजली निगम बेहतर बिजली आपूर्ति के लिए लगातार प्रयासरत है। बड़े पैमाने पर विकास कार्य हो रहे हैं, लेकिन उपभोक्ता बिल चुकाने में सक्रियता नहीं दिखाते हैं। अब ऐसे उपभोक्ताओं को चिह्नित करके उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।