तटबंध की मजबूती के लिए चल रहा कार्य।
रुदौली। सरयू नदी में जलस्तर बढ़ने की संभावना को देखते हुए रौनाही तटबंध के सुदृढ़ीकरण का कार्य तेजी से जारी है। नैपुरा पंपिंग स्टेशन से रामनगर धौरहरा तक करीब 900 मीटर लंबाई में 2.65 करोड़ रुपये की लागत से तटबंध को मजबूत किया जा रहा है। विभाग के अनुसार, अब तक लगभग 65 फीसदी बोल्डर पिचिंग का कार्य पूरा हो चुका है। शेष हिस्से में काम तेजी से कराया जा रहा है।
रौनाही तटबंध रुदौली तहसील के दर्जनों गांवों को बाढ़ से सुरक्षा प्रदान करता है। पिछले वर्ष तटबंध के कुछ हिस्सों में रिसाव की सूचना मिली थी। इसके बाद सिंचाई विभाग ने तकनीकी सर्वे कराया था। जांच में कमजोर पाए गए स्थानों को इस परियोजना में शामिल कर सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। तटबंध की ढलानों पर बोल्डर पिचिंग, दरारों की मरम्मत और सीमेंट-कंक्रीट से मजबूती दी जा रही है। पानी के तेज बहाव वाले स्थानों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। निर्माण एजेंसी और विभागीय अधिकारी कार्य की गुणवत्ता की नियमित निगरानी कर रहे हैं।
अवर अभियंता संजय श्रीवास्तव ने बताया कि तटबंध की मजबूती के लिए ट्रॉवेलिंग तकनीक के साथ बोल्डर पिचिंग और मरम्मत का कार्य हो रहा है। सहायक अभियंता अनुराग गौतम ने बताया कि 900 मीटर लंबाई में चल रहे कार्य में लगभग 65 फीसदी बोल्डर पिचिंग पूरी हो चुकी है। विभाग की टीमें तटबंध की लगातार निगरानी कर रही हैं। मानसून के दौरान 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर तत्काल मरम्मत कराई जाएगी।
मानसून के दौरान कार्य से ग्रामीणों की चिंता बढ़ी
मानसून शुरू होने के बाद भी कार्य जारी रहने से क्षेत्र के लोगों में चिंता है। ग्रामीणों का कहना है कि तटबंध का कार्य बारिश से पहले पूरा हो जाना चाहिए था। यदि सरयू का जलस्तर अचानक बढ़ता है, तो अधूरे हिस्सों पर दबाव बढ़ सकता है। ग्रामीणों ने संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त निगरानी और शेष कार्य शीघ्र पूरा कराने की मांग की है। पिछले वर्ष रिसाव के बाद सिंचाई विभाग ने तत्काल मरम्मत कर स्थिति को नियंत्रित किया था। इसके बाद विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी। स्वीकृति मिलने पर 2.65 करोड़ रुपये की लागत से 900 मीटर तटबंध के सुदृढ़ीकरण का कार्य शुरू कराया गया।