अयोध्या। दीवानी न्यायालय परिसर में शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में 58970 मुकदमों का निस्तारण किया गया जो पिछली बार की अपेक्षा 4062 अधिक है। साथ ही 19 करोड़ 24 लाख 80 हजार 106 रुपये की वसूली की गई। जो पिछली बार की तुलना में 36,98,064 रुपये अधिक है।
अपर जिला जज / नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत नूरी अंसार ने बताया कि एमएसीटी कोर्ट के पीठासीन अधिकारी शेष मणि शुक्ला की ओर से लोक अदालत में सुलह-समझौता के लिए पेश किए गए 116 केस में से कुल 96 वाद निस्तारित किए गए। 7 करोड़ 76 लाख 79 हजार 881 रुपये की धनराशि क्षतिपूर्ति भी निर्धारित की गई। वर्चुअल कोर्ट के पीठासीन अधिकारी प्रत्यूष आनंद मिश्रा ने सबसे अधिक 21326 वादों का निस्तारण किया।
बैंक रिकवरी से संबंधित 1384 प्री-लिटिगेशन वाद निस्तारित किए गए और बैंक से संबंधित 8 करोड़ 99 लाख 77 हजार 150 रुपए ऋण का सेटलमेंट भी किया गया, जो विगत लोक अदालत की तुलना में अधिक है।
दीवानी न्यायालय से संबंधित मजिस्ट्रेट न्यायालयों की ओर से 10178 वाद निस्तारित किए गए जिसके एवज में 1 करोड़ 17 लाख 7 हजार 833 रुपये अर्थदंड के रूप में वसूला गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट से 2806 वाद, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम की कोर्ट से 2028 वादों का निस्तारण किया गया। वहीं सिविल न्यायालय की ओर से 83 मामलों का निस्तारण किया गया। राजस्व मामलों से संबंधित 26191 वाद जिले के राजस्व न्यायालयों की ओर से निस्तारित किए गए।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव अनिल कुमार वर्मा ने कहा कि लोक अदालत के आयोजन में आने वाले दोनों पक्षों के बैठने, शुद्ध पेयजल आदि की समुचित व्यवस्था कराई गई।