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Ayodhya News: रामनगरी में भक्ति का महासंगम, श्रीविद्या कोटि कुमकुमार्चन महायज्ञ का शुभारंभ; गूंजे वैदिक मंत्र

Sat, 04 Jul 2026 07:39 PM IST
Bhupendra Singh अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या

सार

रामनगरी में श्रीविद्या कोटि कुमकुमार्चन महायज्ञ का शुभारंभ हुआ। इस दौरान वैदिक मंत्रों से परिसर गूंज उठा। इसमें विश्व शांति और राष्ट्र कल्याण की कामना की गई। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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श्री विद्या कोटि कुमकुमार्चन महायज्ञ का शुभारंभ। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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रामनगरी अयोध्या में छोटी छावनी के समीप स्थित दर्शन भवन में देश की उन्नति, विश्व शांति और गरीब कल्याण के संकल्प के साथ 53वें श्रीविद्या कोटि कुमकुमार्चन महायज्ञ का शुभारंभ श्रद्धा और उल्लास के बीच हुआ। महायज्ञ का आयोजन वरिष्ठ संत स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी के सान्निध्य में संपन्न हो रहा है।
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इसमें हजारों की संख्या में सुहासिनी माताओं और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। वैदिक मंत्रोच्चार, हवन और कुमारी पूजन से पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा। इस अवसर पर संत कमल नयन दास जी महाराज, संत राघवाचार्य जी महाराज, स्वामी सर्वेश्वरानंद सरस्वती सहित देशभर से आए अनेक संत-महात्मा उपस्थित रहे। सभी संतों ने महायज्ञ की पूर्णाहुति पर राष्ट्र और समाज के कल्याण की कामना की।

विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा देश

स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने कहा कि माता ललिता से उनकी प्रार्थना है कि भारत निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ता रहे। वर्ष 2014 के बाद भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सनातन मूल्यों के साथ विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने गौ संरक्षण के विषय में भी अपनी बात रखते हुए कहा कि वर्तमान समय में गौ माता के सम्मान और संरक्षण की दिशा में गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गौ, गंगा और गीता की रक्षा के लिए सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
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श्री विद्या कोटि कुमकुमार्चन महायज्ञ का शुभारंभ। - फोटो : अमर उजाला

सनातन तथा गौ परंपरा के विरोधी है विपक्ष

उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि 7 नवंबर 1966 को तत्कालीन कांग्रेस सरकार के दौरान स्वामी करपात्री जी महाराज एवं गौ रक्षकों पर गोली चलवाई गई थी। आरोप लगाया कि कांग्रेस और विपक्ष सनातन तथा गौ परंपरा के विरोधी रहे हैं। प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या से रामराज्य का सपना साकार होता दिखाई दे रहा है। गरीब कल्याण, सामाजिक समरसता और राष्ट्रभक्ति ही रामराज्य की मूल पहचान हैं।

कार्यक्रम में युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन भारतीय संस्कृति और परंपराओं को सशक्त बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 

संत कमल नयन दास जी महाराज ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री के कार्यकाल में सनातन धर्म को व्यापक क्षति पहुंची। वहीं संत राघवाचार्य जी महाराज ने श्री विद्या कोटि कुमकुमार्चन महायज्ञ के आयोजन के लिए स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी का आभार व्यक्त किया। स्वामी सर्वेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि स्वामी करपात्री जी महाराज ने उत्तर भारत में लुप्त होती श्री विद्या परंपरा के संरक्षण और प्रचार-प्रसार का कार्य किया था, जिसे आज स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी आगे बढ़ा रहे हैं।

डॉ. सप्तऋषि मिश्रा ने किया कार्यक्रम का संचालन

इस अवसर पर देवांश शुक्ला, अजय पांडेय, शिवपाल यादव, निखिल पांडेय, आनंद पांडेय, चमचम तिवारी, नरोत्तम सिंह बागी, सत्येंद्र सिंह बिशेन, आदित्य चौबे, रितेश चौहान, पप्पू यादव सहित अनेक गणमान्य लोग एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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