अयोध्या। करीब छह घंटे तक हुई 31.4 मिमी बारिश के चलते शहर से ग्रामीण क्षेत्रों तक कई इलाके जलमग्न हो गए। ऐसे में आम जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। इस दौरान विभिन्न कॉलोनी और मोहल्लों के साथ सरकारी दफ्तरों तक में जलभराव हो गया। रामपथ समेत कई प्रमुख मार्गों के लबालब होने से आवागमन भी बाधित हुआ।
सोमवार को सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे। सुबह नौ बजे के बाद बारिश का सिलसिला शुरू हुआ तो दोपहर तीन बजे जाकर ठहरा। इस दौरान कभी तेज, कभी मध्यम और फिर बूंदाबांदी और फुहारों का दौर चलता रहा। ऐसे में ही शहर का रेतिया स्थित निषाद नगर वार्ड पूरी तरह जलमग्न हो गया। नाले का गंदा और बदबूदार पानी घरों के भीतर घुसने से स्थानीय निवासी परेशान रहे।
यहां पर स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि लोग घरों से बाहर निकलने में भी असमर्थ हो गए और मजबूरी में घरों में ही कैद होकर रहना पड़ा। मोहल्ले की गली, सड़क और घरों के आंगन गंदे पानी से लबालब हो गए। नगर निगम की ओर से नाले का अधूरा निर्माण और जल निकासी का सही इंतजाम न होने के कारण जगह-जगह जलभराव की समस्या पैदा हो गई है। नाला निर्माण कार्य पूरा न होना नगर निगम की लापरवाही को उजागर करता है।
इसी तरह अयोध्या धाम के जलवानपुरा में हर बार की बारिश की तरह इस बार भी मुख्य मार्ग जलमग्न हो गया। लोगों के घरों के भीतर तक पानी घुस गया। स्थानीय लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया। पंप हाउस की मदद से जल निकासी की प्रक्रिया भी जारी रही लेकिन समस्या के समाधान होने में काफी समय लगा। श्रीराम अस्पताल में भी बारिश का पानी भर गया। इससे मरीजों और तीमारदारों को दुश्वारियों का सामना करना पड़ा।
रामपथ पर लता मंगेशकर चौक से सहादतगंज तक कई जगहों पर पानी भर जाने से पैदल राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी हुई। नगर निगम के जोनल कार्यालय और जलकल कार्यालय समेत डाकघर-सब्जी मंडी मार्ग पर भरा पानी दुकानों व घरों में प्रवेश कर गया। इसी तरह की स्थिति अशर्फी भवन, मणिराम दास छावनी, टेढ़ी बाजार, रामघाट चौराहा और जैन मंदिर जाने वाले मार्गों पर रही। श्रीराम अस्पताल और राम मंदिर के सामने रामपथ समेत अन्य मार्गों पर जलभराव से सबसे ज्यादा दिक्कत रामलला और हनुमानगढ़ी समेत अन्य मंदिरों में दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं को हुई।
अयोध्या कैंट में कलेक्ट्रेट और पीडब्ल्यूडी कार्यालय के साथ रीडगंज, ऋषिटोला, महाजनी टोला, रिकाबगंज, टकसाल, बेगमगंज गढैया, हसनू कटरा, दिल्ली दरवाजा, खिड़की अली बेग, देवकाली तिराहा, लक्ष्मणपुरी, अवधपुरी, घोसियना, रामनगर, मेवातीपुरा, वजीरगंज, जनौरा, कंधारी बाजार, नाका, गणेश नगर और मकबरा समेत अन्य कई मोहल्लों और मार्गों पर जलभराव रहा।
मौसम में आए इस बदलाव के चलते अधिकतम तापमान सामान्य से 6.5 और एक दिन पहले की तुलना में 4.5 डिग्री की गिरावट के साथ 27.5 पर पहुंच गया। यह अलग बात रही कि न्यूनतम तापमान सामान्य से 1.8 डिग्री अधिक 27.5 रहा। भारी बारिश के बाद भी सापेक्षिक आर्द्रता में कोई कमी नहीं आई और यह रविवार की तुलना में 10 प्रतिशत बढ़कर 92 पर पहुंच गई। ऐसे में उमस सताती रही। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. सीताराम मिश्र ने बताया कि अगले दो दिन बारिश होते रहने की संभावना है।