अयोध्या। प्रदेश में स्वाइन फ्लू के मामले सामने आने और लखनऊ में एक महिला की मौत के बाद अयोध्या में स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, श्रीराम अस्पताल समेत जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर स्वाइन फ्लू से निपटने की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। जिले में कुल 180 बेड स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए आरक्षित किए जा रहे हैं।
राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज के नए ट्रॉमा सेंटर में 50 बेड का अलग स्वाइन फ्लू वार्ड तैयार किया जा रहा है। यहां सर्दी, खांसी और बुखार के लक्षण वाले मरीजों के लिए अलग ओपीडी भी संचालित की जाएगी, ताकि सामान्य मरीजों से उनका संपर्क कम किया जा सके।
संदिग्ध मरीजों की आरटीपीसीआर जांच कराई जाएगी। वार्ड में फिजिशियन, चेस्ट विशेषज्ञ और जूनियर डॉक्टरों की अलग से तैनाती की जाएगी। मेडिकल कॉलेज में स्वाइन फ्लू की एलाइजा जांच के लिए करीब ढाई लाख रुपये की 100 किट भी लखनऊ से मंगाई जा रही हैं। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. दिनेश सिंह मर्तोलिया ने बताया कि स्वाइन फ्लू के मरीजों के इलाज के लिए 50 बेड आरक्षित किए गए हैं और आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
जिला अस्पताल और श्रीराम अस्पताल में 20-20 बेड आरक्षित
सीएमओ डॉ. देवेंद्र कुमार भिटौरिया ने बताया कि जिला अस्पताल और श्रीराम अस्पताल में 20-20 बेड, जबकि जिले की 13 सीएचसी में पांच-पांच बेड स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए आरक्षित किए गए हैं। संदिग्ध मरीज मिलने पर तत्काल स्वास्थ्य विभाग को रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।
अस्पतालों में उमड़ी मरीजों की भीड़, बुखार-खांसी के मरीज अधिक
मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल की ओपीडी में शनिवार को मरीजों की भारी भीड़ रही। मेडिकल कॉलेज में शनिवार को 990 से अधिक मरीज ओपीडी में पहुंचे। इनमें बड़ी संख्या सर्दी, खांसी और बुखार से पीड़ित मरीजों की रही। वहीं जिला अस्पताल की ओपीडी में शनिवार को 950 मरीज पहुंचे। इनमें 400 से अधिक मरीज बुखार से पीड़ित थे।
सीएचसी में दो बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार
रुदौली। सीएचसी रुदौली में स्वाइन फ्लू के संभावित मरीजों के लिए दो बेड का पृथक वार्ड बनाया गया है। अस्पताल में एक बुखार सहायता केंद्र भी शुरू हुआ है। यहां बुखार, सर्दी-जुकाम और सांस संबंधी परेशानी वाले मरीजों की प्राथमिक जांच की जाएगी। चिकित्सक लक्षणों के आधार पर उपचार और जांच की सलाह देंगे। बदलते मौसम से ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ी है। अधिकांश में मौसमी संक्रमण और वायरल बुखार के लक्षण हैं। सीएचसी अधीक्षक डॉ. रवींद्र शुक्ला ने बताया कि स्वाइन फ्लू की आशंका पर ये कदम उठाए गए हैं। उन्होंने गंभीर लक्षण होने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेने की अपील की। (संवाद)