अयोध्या। रुदौली के भाजपा विधायक रामचंद्र यादव के विरुद्ध 14 साल पुराने एक मामले में कार्रवाई समाप्त कर दी गई है। यह आदेश विशेष न्यायाधीश सांसद विधायक कोर्ट (एमपी-एमएलए कोर्ट) सुरेंद्र मोहन सहाय ने शुक्रवार को पारित किया। उच्च न्यायालय के आदेश और सरकार की ओर से मुकदमा वापसी की कार्रवाई के बाद यह निर्णय लिया गया।
यह मामला 24 अक्तूबर 2012 को रुदौली क्षेत्र में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुए उपद्रव, आगजनी और जानलेवा हमले से संबंधित था। अल्हवाना गांव में एक दुर्गा प्रतिमा खंडित होने के बाद यह घटना हुई थी। तत्कालीन थाना प्रभारी ने रामचंद्र यादव सहित 22 लोगों के विरुद्ध बलवा और जान से मारने के प्रयास सहित कई गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी। अदालत में आरोप पत्र प्रस्तुत होने के बाद संयुक्त निदेशक अभियोजन ने विधायक के खिलाफ मुकदमा वापसी के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। न्यायालय की ओर से इसे नामंजूर कर वारंट जारी करने पर विधायक ने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की थी। उच्च न्यायालय ने सांसद विधायक कोर्ट की कार्रवाई पर रोक लगा दी थी।
उच्च न्यायालय का हस्तक्षेप
रामचंद्र यादव की ओर से अदालत में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया था। इसमें बताया गया कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने मुकदमा समाप्त करने का आदेश दिया था। साथ ही, शासन ने भी मुकदमा वापसी की कार्रवाई की थी। न्यायाधीश सुरेंद्र मोहन सहाय ने सुनवाई के बाद उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में सभी आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा की कार्रवाई समाप्त करने का आदेश दिया।