अयोध्या। संचालन पर रोक लगने के बाद तीन दिन के भीतर ही 12 अस्पतालों ने नवीनीकरण करा लिया, लेकिन अब भी 17 अस्पताल अवैध रूप से बगैर नवीनीकरण के चल रहे हैं। सीएमओ ने सोमवार से तीन सदस्यीय कमेटी बनाकर इन अस्पतालों पर छापेमारी करने की तैयारी की है। बगैर लाइसेंस संचालित अस्पतालों पर कार्रवाई का दावा किया गया है।
सीएमओ के अधीन संचालित निजी नर्सिंग होम का लाइसेंस 30 अप्रैल तक प्रतिवर्ष समाप्त होता है। इसके बाद उन्हें मामूली प्रक्रियाओं के तहत नवीनीकरण कराना होता है। मई तक सभी अस्पतालों के नवीनीकरण की डेडलाइन तय थी। इसके बावजूद शहर के 29 अस्पतालों का नवीनीकरण नहीं हुआ था। इन्हें चिह्नित करके सीएमओ ने नोटिस भेजा था। नोटिस मिलते ही दर्शननगर स्थित देवदीप अस्पताल, सत्यम हॉस्पिटल, लक्ष्मणपुरी स्थित धनवंतरि हॉस्पिटल, अंगूरीबाग कॉलोनी स्थित सुनीता हॉस्पिटल, शक्तिनगर स्थित कैलाश ईएनटी समेत 12 अस्पतालों ने दो दिन में ही नवीनीकरण करा लिया है।
इन अस्पतालों का नहीं हुआ नवीनीकरण
अंसारी हॉस्पिटल शुजागंज, मंगलम हॉस्पिटल नाका, डीडीएस मेमोरियल हॉस्पिटल अमानीगंज, फातिमा हॉस्पिटल शुजागंज, हनुमत हॉस्पिटल नाका, जब्बा अली मेमोरियल हॉस्पिटल कटरा गोसाईगंज, ह्रदयराम मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल दर्शननगर, चित्रवन हॉस्पिटल हैदरगंज, अमन मेडिकल सेंटर अमानीगंज, इंद्रा मेडिकल सेंटर रुदौली, प्रकाश सर्जिकल सेंटर रामपुरभगन, अंकित सेवा हॉस्पिटल अरकुना, देव नर्सिंग होम कुमारगंज, सावित्री हॉस्पिटल व्यासनगर पूरे हुसैन, अमर हॉस्पिटल इस्माइलगंज, रंजना मेमोरियल कटरा गोसाईगंज और तिरुपति मेडिकल सेंटर नियांवा।
-जिन अस्पतालों का नवीनीकरण नहीं हुआ है, उनके संचालन पर रोक लगाई गई है। इनके सत्यापन के लिए टीम गठित की जा रही है। यदि बिना नवीनीकरण के भी अस्पताल का संचालन मिला तो संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
-डॉ. संजय जैन, सीएमओ, अयोध्या