बघुआ निवासी उपेंद्र कुमार (25) उर्फ गुल्लू पुत्र महेंद्र सिंह पाल अपने माता-पिता व परिजनों से अलग गांव स्थित दूसरे मकान में रहता था। सोमवार रात को उपेंद्र ने कमरे के दरवाजे के ऊपर लगे रोशनदान से गमछे के माध्यम से गले में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मंगलवार सुबह घर का मेनगेट खुला देख भतीजा शिशुपाल जब अंदर पहुंचा तो रोशनदान पर चाचा का शव लटकता देख चीखकर बाहर की तरफ भागा।
चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी व परिजन भी मौके पर पहुंचे। जहां परिजनों ने शव को फंदे से उतार कर अंतिम संस्कार कर दिया। इस संबंध में थाना प्रभारी रुद्र प्रताप ने बताया कि घटना की उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई है। यदि मामले से जुड़ी कोई तहरीर मिलती है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। (संवाद)