सिकरोड़ी गांव स्थित शवदाह गृह तक पहुंचा यमुना का पानी। संवाद
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औरैया। तीन दिन से यमुना नदी में बढ़ रहे जलस्तर ने सोमवार को 109.03 मीटर पर आमद दर्ज कराकर वापसी शुरू की। जलस्तर मंगलवार शाम चार बजे 108.18 मीटर पर आकर ठहर गया है। उधर, पानी यमुना नदी किनारे बसे गांवों के किनारों तक पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के बाहर तक पानी आने के बाद भी जिला प्रशासन ने कोई खबर नहीं ली।
ज्ञात हो कि यमुना नदी में चेतावनी बिंदु 113 मीटर जबकि खतरे का निशान 114 मीटर है। लगातार बढ़ रहे यमुना के पानी को लेकर तलहटी किनारे बसे गांव के लोगों में दहशत है। सोमवार शाम जलस्तर 109.03 मीटर पर पहुंचकर सदर तहसील व अजीतमल तहसील क्षेत्र के गांव अस्ता, मई, गोहानी कला, गोहानी खुर्द, सिकरोड़ी के गांव किनारे तक जा पहुंचा। सिकरोड़ी मार्ग की पुलिया डूब गई और शवदाह गृह तक पानी जा पहुंचा।
जिससे ग्रामीण रात भर दहशत में रहे। इधर मंगलवार सुबह से पानी कम हुआ तो लोगों ने राहत महसूस की। दोपहर तक पानी घट कर 108.18 मीटर पर आकर ठहर गया है। सिकरोड़ी के मंगल सिंह निषाद, राम तीरथ निषाद, लाखन सिंह, हरिश्चंद्र ने बताया कि सोमवार को पानी गांव किनारे सड़क पर पुलिया तक आ गया था।
बावजूद इसके जिला प्रशासन की ओर से न तो कोई कर्मचारी देखने आया और न ही किसी अधिकारी ने सुध ली। बताया कि पानी यदि इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो एक-दो दिन में पानी गांव के अंदर घुस सकता है। जिससे उनमें दहशत का माहौल बना हुआ है। उधर, केंद्रीय जल आयोग के कर्मचारियों के अनुसार, अभी पानी पैमाने पर ठहरा हुआ है। बारिश भी अधिकांश जगहों पर हो रही है।
ऐसे में पानी के घटने और बढ़ने दोनों ही स्थितियों की संभावनाएं है। एसडीएम सदर मनोज सिंह ने कहा कि यमुना नदी में पानी के बढ़ने और घटने की दोनों स्थितियों पर जिला प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है। ग्रामीणों से संपर्क भी बना हुआ है। ग्रामीणों से संपर्क न रखे जाने का आरोप निराधार है।