यमुना नदी किनारे अंत्येष्टि स्थल पर बाढ़ का नजारा। संवाद
- फोटो : चोरी के खुलासे को लेकर बछगांव चौकी पर धरना देते व्यापारी व ग्रामीण। संवाद
अजीतमल (संवाद)। लगातार दो दिनों से बढ़ रहा यमुना नदी का जलस्तर बुधवार को धीमी गति से कम होना शुरू हो गया। जलस्तर घटने से यमुना के तटवर्ती इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों और तहसील प्रशासन ने राहत की सांस ली है। बुधवार सुबह आठ बजे यमुना का जलस्तर 108.250 मीटर दर्ज किया गया। जो मंगलवार को 108.870 मीटर तक पहुंच गया था।
लगातार बारिश और चंबल व सिंध नदियों में पानी छोड़े जाने के कारण यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा था। जलस्तर बढ़ने के चलते यमुना का पानी सिकरोड़ी गांव के मोहाने तक पहुंच गया था। जिससे तटवर्ती गांवों के ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई थी। प्रशासन भी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए था। हालांकि अभी जलस्तर घटने की रफ्तार धीमी है, लेकिन यमुना के बहाव में तेजी आने से ग्रामीणों को जल्द जलस्तर और कम होने की उम्मीद है।
ग्रामीणों का कहना है कि जलस्तर बढ़ने के दौरान नदी का बहाव धीमा हो जाता है, जबकि अब नदी तेज गति से बह रही है, जिससे पानी घटने के संकेत मिल रहे हैं। तहसीलदार अविनाश कुमार ने बताया कि यमुना का जलस्तर अब कम होना शुरू हो गया है। बुधवार सुबह 108.250 मीटर जलस्तर दर्ज किया गया है। स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। प्रशासन लगातार निगरानी बनाए हुए है। यमुना का चेतावनी स्तर 112 मीटर और खतरे का स्तर 113 मीटर निर्धारित है।