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यमुना का जल स्तर बढने से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में बढ़ी धड़कन

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औरैया। कोटा बैराज से छोड़े गए पानी से यमुना में बढ़ रहे जलस्तर ने बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। केंद्रीय जल आयोग की टीम जलस्तर पर नजर रखे हुए है। प्रशासन बाढ़ काअलर्ट जारी कर व्यवस्थाएं जुटाने में लगा हुआ है।
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कोटा बैराज के पानी से चंबल नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। यही पानी यमुना के जलस्तर को भी बढ़ा रहा है। औरैया व अजीतमल के बाढ़ प्रभावित 26 गांवों के लोग बढ़ते जलस्तर से परेशान होने लगे हैं। बुधवार की शाम चार बजे तक जलस्तर 109.90 मीटर पहुंच गया। जिले में यमुना के जलस्तर पर नजर डाले तो चेतावनी बिंदु 112 मीटर और खतरे का निशान 113 मीटर है।
कोट
पिछली बार जिले में आई बाढ़ की स्थिति को लेकर पूरी सतर्कता बरती जा रही है। कच्चे सामान के लिए जीएम पोर्टल पर टेंडर अपलोड किए जा चुके हैं। इस बार किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। लगातार बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया जा रहा है। वहां के लोगों से अधिकारी संपर्क में हैं।- रेखा एस. चौहान, अपर जिलाधिकारी, औरैया।
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2021 में 108 मीटर तक पहुंचा था पानी
पिछले साल अगस्त-सितंबर में यमुना का पानी 108 मीटर तक पहुंचते ही पानी गांव के किनारे तक पहुंचने लगा था। धीरे-धीरे बारिश बढ़ी तो जल स्तर भी बढ़ गया और 26 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए थे। एक बार फिर से यमुना नदी का जल स्तर चढ़ना शुरू हो गया है, जबकि जिले में बरसात नहीं हो रही है।
जिले के बाढ़ प्रभावित गांव
अस्ता, नौरी, सडऱापुर, बीझलपुर, गूंज, बड़ी गूंज, असेवा, असेवटा, फरिहा, जुहीखा, सिखरना, सिहौली, ततारपुर, गोहानी कला, रमपुरा, कैथोली, मिश्रपुर मानिकचंद्र, बडेरा, जाजपुर, गोहानी खुर्द, बरदौली अड्डा, भूरेपुर कला, भदौरा समेत 24 गांवों में खतरे का निशान पार करते ही पानी गांवों में घुस जाता है।
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