औरैया। शहर के 50 शैया संयुक्त जिला चिकित्सालय में छह महत्वपूर्ण विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती न होने से मरीज परेशान हैं। उन्हें इलाज के लिए पड़ोसी जनपद जाना पड़ रहा है। वहीं, अस्पताल में भेजे गए विशेषज्ञों से संबंधित मरीजों की संख्या कम होने से उनकी भी उपयोगिता साबित नहीं हो पा रही है। सीएमएस ने जरूरत के आधार पर शासन को पत्र लिखकर डॉक्टरों की मांग की है।
चिकित्सालय की ओपीडी में मौजूद पांच से छह डॉक्टर ही हर मर्ज के मरीजों को देखते हैं। इनमें डॉ. सीमा, डॉ. मंजू सचान व डॉ. कीर्ति महिलाओं से जुड़े रोगों का इलाज करती हैं। डॉ. निधि गुप्ता दंत रोग व डॉॅ. पंकज कुमार बाल रोग विशेषज्ञ हैं। यह डॉक्टर ही ओपीडी में आने वाले हर मर्ज के सैकड़ों मरीजों को देखते हैं। एक जुलाई को छह डॉक्टरों के स्थानांतरण के बाद यहां पर एक हड्डी के डॉक्टर की तैनाती हुई है। इसके बाद चेस्ट फिजीशियन आए हैं। अस्पताल में चर्मरोग विशेषज्ञ, फिजिशियन, रेडियोलॉजिस्ट, नाक-कान-गला, नेत्र रोग विशेषज्ञ, जनरल सर्जन समेत तीन इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर (ईएमओ) की बेहद जरूरत है। इन छह महत्वपूर्ण रोगों के विशेषज्ञों की तैनाती नहीं होने की वजह से मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
50 शैया संयुक्त जिला चिकित्सालय में चर्मरोग विशेषज्ञ, फिजीशियन, रेडियोलॉजिस्ट, नाक-कान-गला, नेत्र रोग विशेषज्ञ व जनरल सर्जन की तैनाती नहीं है। इस वजह से मरीजों को परेशानी होती है। इन डॉक्टरों की मांग के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर समस्या से अवगत कराया जाएगा। ताकि सभी मर्ज से संबंधित मरीजों को अस्पताल में इलाज मिलें। डॉ. राजेश मोहन गुप्ता, सीएमएस