यमुना नदी के बढ़ रहे जलस्तर में धीरे-धीरे समाता शेरगढ़ घाट का स्नानागार। संवाद
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औरैया। राजस्थान के कोटा बैराज से दो दिन पहले छोड़े गए एक लाख क्यूसेक पानी ने औरैया यमुना नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़त बना दी है। शुक्रवार शाम यमुना के पैमाने पर जलस्तर शाम सात बजे 103.09 मीटर पर पहुंच गया है। केंद्रीय जल आयोग विभाग के कर्मचारियों द्वारा अभी जल स्तर के और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। वहीं लगातार बढ़ रहे जलस्तर के चलते शेरगढ़ घाट का स्नानागार पानी में धीरे-धीरे समाता दिखाई दे रहा है।
यमुना नदी के लगातार बढ़ रहे जल स्तर को देखते हुए यमुना नदी किनारे बसे गांव के लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें बढ़ने लगी हैं। उधर, जलस्तर बढ़ने पर जिला प्रशासन के अधिकारी भी अपनी निगाह बनाए हुए हैं। बाढ़ से हर साल प्रभावित होने वाले गांवों में लगातार दौरा कर लोगों से जहां संपर्क स्थापित किए हैं। तो वहीं सभी जरूरतों की व्यवस्था करने में जुटे हैं। जिससे बाढ़ आने की स्थिति में लोगों को सुरक्षित ऊंचे स्थान पर सभी जरूरी सामानों के साथ पहुंचा सकें।
उधर शुक्रवार को यमुना नदी के जल स्तर ने शाम सात बजे 103.09 मीटर पर आमद दर्ज कराई। केंद्रीय जल आयोग कर्मचारियों के मुताबिक कोटा बैराज से छोड़े गए एक लाख क्यूसिक पानी के कारण यमुना नदी का जल स्तर बढ़ रहा है। इसके अभी और बढ़ने की संभावना है। वह हर घंटे बढ़े जल स्तर की स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। हालांकि यमुना नदी पर चेतावनी बिंदु 112 मीटर और खतरे का निशान 113 मीटर पर होने के चलते यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान से बहुत दूर है।