दिबियापुर। पंद्रह मिनट की आई तेज आंधी ने दिबियापुर क्षेत्र की बिजली व्यवस्था ध्वस्त कर दी। कई स्थानों पर बिजली के खंभे टूटकर गिर गए। जबकि कई स्थानों पर बिजली के तारों पर पेड़ों की टहनियां आकर गिर गईं। बिजली विभाग देर रात तक बिजली व्यवस्था बहाल करने के लिए जुटा हुआ है। सबसे ज्यादा नुकसान नौगवां फीडर पर हुआ है।
शुक्रवार दोपहर लगभग ढाई बजे दिबियापुर क्षेत्र में पंद्रह मिनट तेज आंधी आई, बीच में थोड़ी बारिश भी हुई। आंधी का सबसे अधिक असर बिजली विभाग पर पड़ा। असेनी स्थित 132केवी सबस्टेशन से 33 केवी असेनी उपकेंद्र के बीच तार टूटकर दूसरे फीडर के तारों पर गिर गए। इससे असेनी उपकेंद्र पर बिजली ठप हो गई। 33 केवी असेनी की बिजली आपूर्ति आधा घंटे बाद शुरू कर ली गई।
आंधी चलनी बंद हुई तो बिजली विभाग ने क्षेत्र में हुए नुकसान का आकलन शुरू किया। शाम तक बिजली विभाग को लाइनमैनों ने सूचना दी कि कंचौसी नौगवां फीडर पर चार, हरचंदपुर फीडर के तीन, बेला फीडर पर दो, विश्वबैंक नंबर दो फीडर पर दो खंभे टूटकर गिर गए हैं। इसके साथ ही नौगवां फीडर पर बंबे के किनारे रखा एक ट्रांसफार्मर पोल समेत बंबे में गिर गया है।
दिबियापुर के तीनों फीडरों के तारों पर कई स्थानों पर पेड़ों की टहनियां टूटकर गिर गईं। इससे तीनों फीडरों की बिजली आपूर्ति देर शाम तक शुरू नहीं हो पाई। तारों पर गिरीं पेड़ों की टहनियां काटकर बिजली आपूर्ति दुरुस्त करने का काम में बिजली कर्मी जुटे रहे। बिजली कर्मियों के अनुसार, सैनिक नगर फीडर पर गपकापुर, झपटियापुर में पेड़ टूटकर लाइन पर गिर गए।
भगवतीगंज एवं ककराही फीडर की लाइन पर अग्रोहा धाम के पास पेड़ की टहनी तो गढ़े के पुर्वा के पास एक पेड़ लाइन पर गिर पड़ा। एनटीपीसी कैनाल रोड पर भी लाइन पर पेड़ गिरा है। इस संबंध में विद्युत वितरण खंड के एसडीओ अनुराग पांडेय का कहना है कि सभी फीडरों की लाइन चेक हो रही है। जहां पर पोल क्षतिग्रस्त हैं, उन स्थानों को छोड़कर शेष स्थानों की बिजली आपूर्ति देर रात तक शुरू कराने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
आंधी के कारण झुका बिजली का पोल। संवाद- फोटो : AURAIYA