औरैया। विशेषज्ञों ने बुधवार को भी यमुना पुल की बारीकी से जांच की। सुबह 11 बजे से शुरू हुई जांच दोपहर तीन बजे के बाद तक चली। डेढ़ किलोमीटर के दायरे में पानी के नीचे बने पिलरों की मजबूती परखी गई। टीम ने पुल के निचले हिस्से को भी ड्रोन से जांच की।
विशाखापट्टनम से आई इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलेपमेंट एंड डिजाइन कंसलटेंसी (आईडीडीसी) कंपनी के एक्सपर्ट की टीम मंगलवार से जांच में जुटी है। पहले दिन ड्रोन कैमरे से पुल के बेयरिंग की जांच की गई तो वे जाम मिले थे। बुधवार को दूसरे दिन टीम में शामिल इंचार्ज लिकित व लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता अभिषेक यादव ने नाव पर बैठकर जांच शुरू की। टीम ने ड्रोन व अपने साथ लाए कैमरों से पुल के नीचे के बने पानी की सतह तक पिलर की मजबूती की जांच की।
टीम ने पुल की बीम व निचले हिस्से के स्लैप को भी बारीकी से परखा। अधिशासी अभियंता अभिषेक यादव ने बताया कि टीम के साथ वे मौजूद रहे हैं। टीम हर उन बिंदुओं पर जांच कर रही है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि पुल कितना और किस स्तर का कमजोर है।
बताया कि टीम ने एक से दूसरे छोर तक 30 पिलर की जांच पानी के अंदर व ऊपरी हिस्से की है। अभी तक कोई खास कमी नजर नहीं आई है। फिलहाल टीम अभी आगे भी बारीकी से जांच करेगी। रिपोर्ट मिलने के बाद ही स्थिति स्पष्ट की जा सकेगी।