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Auraiya News: यमुना पुल की मरम्मत अंतिम दौर में, विंग वॉल का निर्माण लटका

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संवाद न्यूज एजेंसी
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औरैया। शेरगढ़ घाट स्थित यमुना नदी पुल की मरम्मत का काम अंतिम चरण में चल रहा है, लेकिन पुल की महत्वपूर्ण विंग वाल निर्माण सेतु निगम व लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के तालमेल न हो पाने के चलते अधर में लटका हुआ है। जिससे पुल की सुरक्षा और मजबूती को लेकर अनदेखी हो रही है। हालांकि सेतु निगम के अधिकारियों ने लगभग छह माह पहले ही लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को विंग वॉल का इस्टीमेट दे दिया था। बावजूद इसके अभी भी विंग वॉल निर्माण का रास्ता साफ नहीं हो सका है।
लगभग दो साल पहले शेरगढ़ घाट स्थित यमुना नदी पुल की विंग वॉल अचानक से ढह गई थी। तत्कालीन अधिशासी अभियंता अनिल कुमार जाटव ने विंगवॉल को दुरुस्त कराए जाने को काफी प्रयास किए लेकिन उनका प्रयास सफल नहीं हो सका। इस पर सेतु निगम और लोक निर्माण विभाग की टीम ने निरीक्षण कर विंग वॉल की स्थिति परखी, तो पता चला कि यह पूरी तरह से दरक चुकी है।
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इसी बीच अधिशासी अभियंता का स्थानांतरण गैरजनपद हो गया। उनके स्थान पर अभिषेक यादव के पद पर आने के बाद से यह प्रक्रिया जहां की तहां रुक गई। चार्ज संभालने के बाद अधिशासी अभियंता अभिषेक यादव ने पुल की पूरी स्थिति का निरीक्षण किया। साथ ही विंग वॉल के संबंध में जानकारी की। जिस पर उन्होंने सेतु निगम को विंग वॉल का इस्टीमेट बनाए जाने को पत्र लिखा। इस बाबत सेतु निगम ने विंग वॉल का इस्टीमेट बनाकर दे दिया, लगभग छह माह बीतने के बाद भी अभी तक विंग वॉल निर्माण को बजट नहीं मिल सका है।
सेतु निगम के तत्कालीन प्रोजेक्ट मैनेजर क्रिसर मसरुर ने बताया कि उनका पांच दिन पहले ही स्थानांतरण हो गया है। बताया कि यह काम लोक निर्माण विभाग का है। उनके विभाग से सिर्फ इस्टीमेट मांगा गया था, उन्होंने अपने कार्यकाल में 15 करोड़ का इस्टीमेट लोक निर्माण विभाग को बनाकर दे दिया था। सेतु निगम का विंग वॉल निर्माण से कोई मतलब नहीं है।

विंग वॉल का काम
पुल के शुरुआती स्थान पर विंगवॉल बनाने के पीछे का मकसद पुल की सड़क से जुड़ने वाली सड़क के किनारे की मिट्टी कटने से रोकना होता है। क्योंकि मिट्टी कटने से पुल की सड़क का मुख्य सड़क से संपर्क कट जाएगा। जिससे पुल के अस्तित्व को खतरा हो सकता है। इसीलिए विंगवॉल बनाई जाती हैं। इसके साथ ही पुल से वाहन गुजरने व जंपिंग में काफी सपोर्ट रहता है।
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यह सेतु निगम का काम है। सेतु निगम को इसके लिए पत्र लिखा गया है। अभी तक सेतु निगम की ओर से कोई कार्यवाही नहीं की गई है। दोबारा से पत्र लिखा जाएगा। - एसके तिवारी, सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग
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