अजीतमल/औरैया। राजस्थान के कोटा बैराज से पानी छोड़े जाने से यहां यमुना उफान पर है। कई दिन से लगातार जलस्तर बढ़ रहा है। मंगलवार की शाम 30 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पानी बढ़कर 107.55 मीटर के निशान पर पहुंचा था। बुधवार की शाम लगभग चार बजे 110.33 मीटर पर पहुंचकर स्थिर हो गया है। यानी 24 घंटे में तीन मीटर पानी बढ़ा है।
यमुना उफनाने से गोहानी कला का संपर्क मार्ग डूब गया है, इससे आवागमन बंद हो गया है। अब पानी खेतों की ओर बढ़ रहा है, कई एकड़ भूमि जलमग्न हो गई है। वहीं, लोगों का मानना है कि अगर इसी रफ्तार से जलस्तर बढ़ता रहा तो गुरुवार तक पानी खतरे के निशान को पार कर जाएगा। वहीं, जुहीखा पुल से पड़ोसी जनपद इटावा का भी संपर्क टूट सकता है। एसडीएम व तहसीलदार ने बाढ़ क्षेत्र का जायजा लिया। तहसील कर्मचारियों ने बाढ़ क्षेत्र के गांव में डेरा डाल दिया है और लोगों को जागरूक कर रहे हैं।
जाजपुर-गौहानीकला के संपर्क मार्ग पर पानी भर जाने से लोगों का आवागमन बंद हो गया है। तमाम लोग गांव में फंस गए हैं। कई एकड़ भूमि जलमग्न हो गई है। गौहानीकला गांव में स्थित विद्यालयों में अध्यापक नहीं पहुंच पाए हैं। गांव के पास पहुंचकर शिक्षकों ने देखा कि कमर तक पानी है तो विभाग के अधिकारियों को बाढ़ की स्थिति बताकर लौट गए। बाढ़ के संबंध में उपजिलाधिकारी रमापति ने बताया कि पानी दो बजे तक 110.33 मीटर पर पहुंच कर स्थिर हो गया है। बाढ़ क्षेत्र में लेखपाल व कानूनगो बराबर नजर रखे हैं।
उधर, अजीतमल के सीएचसी अधीक्षक डॉ. विमल ने बताया कि एएनएम एवं आशाओं को बाढ़ क्षेत्र में भेजा गया है। वे बीमार लोगों को दवा उपलब्ध करा रही हैं। गांवों में ब्लीचिंग पाउडर आदि का छिड़काव भी किया जा रहा है। पशुचिकित्साधिकारी डॉ. कैलाश ने बताया कि गांवों में प्रधान के माध्यम ये पशुपालकों को जागरूक किया जा रहा है।
जब भी यमुना का जलस्तर बढ़ता है तो सबसे पहले अजीतमल क्षेत्र के गांव गौहानीकला का संपर्क टूट जाता है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि इस मार्ग पर बना रपटा का पुल काफी नीचे है। यमुना का पानी भर जाता है और वह सड़क को बंद कर देता है। पिछले वर्ष आई बाढ़ में भी सबसे पहले इसी गांव का संपर्क टूटा था। तहसीलदार अजीतमल संध्या शर्मा ने बताया कि पुलिया नीची होने के चलते ही उक्त गांव के रास्ते में पानी भर जाता है।